भाजपा हरियाणा: कई दिग्गजों की चौधर पर लग सकता है ग्रहण

सिरसा(प्रैसवार्ता)। भाजपा हरियाणा के उन दिग्गजों की ''चौधर" पर ग्रहण लग सकता है, जो संगठन में कम सक्रिय तथा भाजपाई नेताओं की 'जी हजूरी' करके महत्वपूर्ण पद संगठन से हासिल कर लेते है। भाजपा के प्रांतीय संगठन द्वारा चलाए गए सदस्यता अभियान से ऐसे चौधरियों की पोल खोलकर रख दी है। भाजपा आलाकमान स्पष्ट कर चुका है कि जो साधारण सदस्य नहीं बनेगा, वह सक्रिय सदस्य नहीं बन पाएगा। सक्रिय सदस्य नहीं तो संगठन में भी कोई पद नहीं। आलाकमान के इस संकेत से संगठन के नेताओं में हडकंप मच गया है। संगठन की चुनावी प्रक्रिया शुरू होने से पहले जोर-शोर से भाजपा ने सदस्यता अभियान चलाया था, मगर हर बार दिग्गज आकाओं के बल पर संगठन में बने रहने वाले कई नेताओं ने सदस्यता अभियान के नाम पर औपचारिकता निभाई, तो कुछ ने साधारण सदस्य बनाने की जरूरत ही नहीं समझी। केवल इतना ही नहीं, कुछ नेताओं ने घर पर बैठकर ही निर्धारित संख्या से ज्यादा साधारण सदस्य बना दिए, लेकिन  एक ही वर्कर के नाम पर उनके सक्रिय सदस्य की संख्या एक ही रह गई, जबकि भाजपा के सविधान के अनुसार 500 साधारण सदस्यों पर पांच सक्रिय सदस्य और एक हजार साधारण सदस्यों पर दस सक्रिय सदस्य होने चाहिए। इनमें कुछ जन प्रतिनिधि तक शामिल है। ऐसे भाजपाईयों का मानना था कि जैसे संगठन में वह पहले से पद प्राप्त करते रहे है, अब भी हासिल कर लेंगे, मगर इस बार ऐसा नहीं होगा। भाजपाई सविधान के  अनुसार 100 साधारण सदस्य बनाने वाला कार्यकर्ता ही पार्टी का सक्रिय सदस्य बन सकता है, जिसे संगठन के प्रमुख पदों पर चुनाव लडऩे का अधिकार है। लगातार तीन वर्ष से सक्रिय सदस्य रहे कार्यकर्ता ही मंडलाध्यक्ष, 6 वर्ष तक सक्रिय सदस्य रहने वाले कार्यकर्ता जिलाध्यक्ष, नौ वर्ष तक सक्रिय कार्यकर्ता रहने वाले प्रदेशाध्यक्ष तथा 15 वर्ष से सक्रिय रहे नेता ही राष्ट्रीय अध्यक्ष पद  के लिए चुनाव लड़ सकते है।

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