नगर परिषद प्रकरण दर्शाता है कि पॉवरफुल कौन: गणेशी लाल या जगदीश चौपड़ा

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा में भाजपा की सरकार बनने के बाद जिला सिरसा में सबसे ज्यादा पावरफुल भाजपाई दिग्गज कौन है, को लेकर चर्चा से रहस्य नगर परिषद सिरसा प्रकरण ने उठा दिया है। सिरसा भाजपा मौजूदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चौपड़ा तथा भाजपा की अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. गणेशी लाल के बीच चल रही राजनीतिक आंख मिचौली के बीच उलझ कर रह गए है। प्रो. लाल ने प्रदेश के मंत्रियों को अपनी रॉयल हवेली में आमंत्रित कर अपना रूतबा तथा जनाधार बढ़ाने का प्रयास किया, ताकि चौपड़ा के बढ़ रहे कदमों पर अंकुश लगाया जा सके। दूसरी तरफ चोपड़ा की योग्यता, कार्यशैली और खट्टर सरकार के लिए समय-समय पर संकट मोचक की भूमिका निभाने पर उन्हें जनसंपर्क, श्रम तथा रोजगार विभाग की जिम्मेवारी सौंपते हुए उनके राजनीतिक कद की खट्टर सरकार द्वारा बढ़ौतरी करके चौपड़ा विरोधी पक्ष को एक राजनीतिक झटका दिया गया, जिससे विरोधियों में बौखलाहट आना स्वाभाविक है। चर्चा है कि चौपड़ा की छवि को प्रभावित करने के लिए उसके एक स्वयंभू भतीजे का इस्तेमाल करके नगर परिषद प्रकरण को जन्म दिया गया है। यह तथा कथित चौपड़ा भतीजे से किसी भी प्रकार के रिश्ते या संबंध से चौपड़ा परिवार स्पष्ट इंकार कर चुका है। दिलचस्प तथ्य यह है कि जिस व्यक्ति के काम को लेकर स्वयंभू चोपडा भतीजे ने इस प्रकरण को जन्म दिया है, वह व्यक्ति प्रो.लाल का दामाद बताया जा रहा है। प्रो. लाल के दामाद को परिषद में अपना काम करवाने के लिए स्वयंभू चोपड़ा भतीजे तक पहुंच करनी पड़ी, से संकेत मिलता है कि चौपड़ा 'पावरफूलÓ है। नगर परिषद प्रकरण जाने-अनजाने में हुआ या फिर किसी साजिश का एक भाग है, को लेकर चर्चा छिड गई है और इसी के साथ चौपड़ा को प्रौ. लाल से कहीं ज्यादा पावरफुल देखा जाने लगा है।

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