जहां आम आदमी पार्टी लगा सकती है अकाली भाजपा की हैट्रिक पर ग्रहण

लुधियाना(प्रैसवार्ता)। पंजाब में हैट्रिक का स्वपन देख रही अकाली-भाजपा को आम आदमी पार्टी(आप) से भय दिखाई देने लगा है, क्योंकि काग्रेस के घटते तथा आप के बढ़ रहे जनाधार से उनकी हैट्रिक के ख्वाब पर ग्रहण लग सकता है। पंजाब की मौजूदा अकाली-भाजपा सरकार को उम्मीद थी कि उनका सीधा चुनावी मुकाबला कांग्रेस से होगा, जो आपसी कलह से जूझ रही है, जिसका उन्हें फायदा मिलेगा, मगर आम आदमी पार्टी की दस्तक से प्रदेश का राजनीतिक मानचित्र बदल गया है। प्रदेश की राजनीतिक तस्वीर को लेकर अकाली दल की कोर कमेटी की बैठक में बारीकी से विचार विमर्श किया गया और निर्णय लिया गया कि संगठन को मजबूत करने के लिए अकाली दिग्गजों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाए, जिसके लिए फरवरी मास के तीसरे सप्ताह आनंदपुर साहिब में कैंप लगाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार अकाली दल सहयोगी भाजपा की कार्यप्रणाली पर भी मंथन हो रहा है, क्योंकि पिछले कुछ समय से अकाली-भाजपा में खट्टास चल रही है। पंजाब में कांग्रेसी नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कांग्रेसीजनों के चेहरों पर आई चमक धीरे-धीरे गायब हो रही है। कैप्टन सिंह की ताजपोशी से खफा ज्यादातर कांग्रेसी दिग्गजों ने चुप्पी साध ली है, तो कुछ ने झाडू उठा लिया है। चुप्पी साधने वाले कांग्रेसी दिग्गजों के समर्थक झाडू उठाकर कैप्टन सिंह के अरमान साफ करने की तैयारी में है। प्रदेश में आम आदमी पार्टी(आप) का जनाधार निरंतर तेजी पकड़ रहा है। अकाली दल-भाजपाई तालमेल की सोच है कि कांग्रेस तथा आम आदमी पार्टी यदि बराबरी तक पहुंच जाते है, तो उनकी लॉटरी खुल सकती है। इधर कांग्रेस ने बिहार की तर्ज पर महागठबंधन के प्रयास तेज कर दिए है। पंजाब प्रदेश के विधानसभाई चुनाव परिणाम क्या आईना दिखाएंगे, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर ऐसे संकेत मिल रहे है कि आम आदमी पार्टी की बदौलत ही पंजाब में नई सरकार बनेगी। यदि आम आदमी पार्टी का जनाधार इसी प्रकार इस चुनावी वर्ष में बढ़ता रहा, तो अकाली-भाजपा तथा कांग्रेस दोनो को ही राजनीतिक झटका लग सकता है।

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