मिमिक्री करने से नहीं बल्कि चरित्र को उलटा दिखाने से आहत हुई साध संगत: संत गुरमीत राम रहीम - The Pressvarta Trust

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Sunday, January 17, 2016

मिमिक्री करने से नहीं बल्कि चरित्र को उलटा दिखाने से आहत हुई साध संगत: संत गुरमीत राम रहीम

सिरसा(प्रैसवार्ता)। साध संगत मिमिक्री करने से आहत नहीं हुई थी बल्कि चरित्र को उलटा दिखाते हैं तो साध संगत का दिल दुखेगा ही। मिमिक्री करने से परेशानी नहीं।   शो में दिखाया गया कि वो कलाकार हमारा रूप बनाकर शराब पिला रहा था, जबकि हमने कभी किसी को शराब पिलाई नहीं, बल्कि हमने तो साढ़े पांच करोड़ से अधिक लोगों की शराब छुड़वाई है। वो 100-200 की भी छुडवा दें तो मान लें। शो में दानपेटी में दान लेते दिखाया गया जबकि हम तो खुद दान करते हैं और साध संगत को भी जरूरतमंदों की मदद करने की सीख देते हैं। 115 मानवता भलाई के कार्य चलाए हुए हैं, जिनमें साध संगत पैसा लगाती है । अगर वो उनमें से 15 कार्यों की भी नकल करके दिखाए तो उन्हें माने । शो में दिखाया गया कि वो कलाकार लड़कियों के गले में बाहें डाले हुए था जबकि हमने तो वेश्याओं को भी अपनी बेटियां बनाकर उनकी शादियां करवाई हैं।   पूज्य संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने यह उद्गार  रविवार को शाह सतनाम जी धाम में राजस्थान की साध संगत द्वारा आयोजित भंडारे के अवसर पर साध संगत के द्वारा तथाकथित मिमिक्री प्रकरण का सार्वजनिक जबाब देते हुए कहे।  हालांकि इस मामले में कलाकार ने माफी मांग ली है। पूज्य गुरुजी ने कहा कि ंमिमिक्री करने से किसी को कोई परेशानी नहीं है बल्कि चरित्र को उल्टा दिखाने से साध संगत आहत हुई है।  

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