प्रौ. वीरेंद्र के ऑडियो से उठा राजनीतिक बवाल

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा में हुए जाट आरक्षण आंदोलन को उग्र रूप देने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक सलाहकार प्रौ. वीरेंद्र सिंह की ऑडियो को लेकर हरियाणवी राजनीति में तूफान आ गया है। कांग्रेस के मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने बगैर देरी किए प्रौफेसर वीरेंद्र सिंह को नोटिस भेजकर तीन दिन में जवाब मांग लिया है। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा ने ऑडियो को साजिश करार दिया है, तो इनैलो नेता दिग्विजय चौटाला ने प्रदेश में हुए दंगों की जांच की मांग करते हुए सवाल उठाया है कि महम कांड के लिए चौधरी ओम प्रकाश चौटाला तथा कंडेला प्रकरण में चौधरी अजय सिंह चौटाला पर कुछ लोगों द्वारा आरोप लगाए गए थे। प्रौफेसर और बी बी बतरा के महलों को छोड़कर सब कुछ खाक हो गया है। कांग्रेसी दिग्गज पूर्व मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव का दावा है कि ऑडियो में आवाज प्रौफेसर वीरेंद्र सिंह की है, जिसे वह बखूबी पहचानते है। इनैलो के प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा का कहना है कि  ऑडियो की जांच होनी चाहिए, ताकि सत्यता सामने आ सके। हजकां सुप्रीमों कुलदीप बिश्रोई इस मामले की जांच के लिए केंद्रीय गृह मंत्री से मिलने की बात करते हुए कहते है कि आरक्षण की आड़ में कुछ नेता जातिवाद का प्रदेश में घिनौना जहर घोल रहे है। भूपेंद्र हुड्डा तथा इनैलो पर आरोप लगाते हुए बिश्रोई का कहना है कि यह लोग राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए प्रदेश में आग लगा रहे है। आरक्षण के नाम पर हुड्डा द्वारा रची साजिश का पर्दाफाश हो चुका है, इसलिए उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। इनैलो नेता अभय सिंह चौटाला ने सरकार से इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए तुरंत ऑडियो की जांच करने के आदेश जारी करने की बात कही है। केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर व राव इंद्रजीत सिंह के अनुसार ऑडियो सामने आने पर कुछ बताने की जरूरत नहीं है, बल्कि साजिशकर्ताओं के चेहरों से नकाब उतारने जरूरी है, जिनकी वजह से प्रदेश को आर्थिक व जानमाल की क्षति उठानी पड़ी थी। स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज और शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा को इस प्रकरण को गंभीर मानते हुए जांच का दावा करते है, ताकि सत्यता सामने आ सके। काबिलेगौर है कि प्रौफेसर वीरेंद्र इस ऑडियो में किसी कैप्टन नाम के व्यक्ति से सिरसा में आंदोलन खड़ा करने का आग्रह कर रहे है। सूत्रों के मुताबिक सरकार के पास कई ऐसे ऑडियो टेप है, जिनसे जाट आंदोलन के सूत्रधार का पता लगाया जा सकता है। सरकार को जानकारी मिली है कि प्रौफेसर वीरेंद्र जिस व्यक्ति से ऑडियो टेप में बातचीत कर रहे है वह किसी नेता का नहीं, बल्कि आईपीएस अधिकारी का है। राज्य में एक विशेष वर्ग के अधिकारियों का आंकड़ा ज्यादा है, जिन पर आंदोलन दौरान निभाई गई भूमिका की छानबीन कर सरकार उन पर कार्रवाई करने के मूड में दिखाई दे रही है।