गैर जाटों के 'यू-टर्न' से भाजपा चिंतित: खिसकने लगा है भाजपाई जनाधार

सिरसा(प्रैसवार्ता)। जाट आरक्षण आंदोलन के चलते हरियाणा में हुए विनाश और गैर जाटों को पहुंचाई गई आर्थिक क्षति से स्वयं को असुरक्षित भांपते हुए प्रदेश के गैर जाटों का भाजपा से मोह भंग हो रहा है। प्रदेश का गैर जाट फोक्स अब कांग्रेस पर टिक रहा है, क्योंकि इनैलो जाट आरक्षण का समर्थन कर चुकी है, जबकि उनकी सुरक्षा देने में पूर्णयता विफल रही है। कांग्रेस पक्षीय गैर जाट पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा के एक विशेष वर्ग को तव्वजों देने से कांग्रेस से दूर होकर भाजपाई मंच की तरफ बढ़ गया था और इसी के साथ ही भाजपा अपनी सरकार बनाने में सफल हुई। भूपेंद्र हुड्डा के राजनीतिक  सलाहकार प्रौ. वीरेंद्र सिंह के ऑडियो वायरल ने पोल खोलकर रख दी है और इसी के साथ भूपेंद्र हुड्डा राजनीतिक हाशिए पर चले गए है। सत्ता से दूर होते हुए भूपेंद्र हुड्डा निरंतर राजनीतिक तौर पर पिछड़ रहे थे, मगर इस अंदोलन में प्रौफेसर सिंह के ऑडियो से भूपेंद्र हुड्डा के राजनीतिक भविष्य पर प्रश्र चिन्ह लग गया है। डर्टी राजनीतिक ने छत्तीस बिरादरी में पैंतीस बिरादरी पैदा करके जाट बनाम गैर जाटों में दरार खड़ी कर दी है, जिसका असर पूरे प्रदेश में देखने को मिल रहा है। गैर जाटों के यू-टर्न ेन चिंतित भाजपा के गैर जाट, सांसद, विधायक, मंत्री व दिग्गज एक जुट होना शुरू हो गए है, क्योंकि उन्हें अपना जनाधार खिसकता हुआ नजर आ रहा है। प्रदेश के दबंग मंत्री अनिल विज के बगावती स्वरों उपरांत मंत्री कविता जैन, कर्णदेव कंबोज, कृष्ण बेदी इत्यादि ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए खट्टर सरकार पर दो मंत्रियों और अफसरशाही के हाईजैक करने का आरोप लगाते हुए प्रदेश की राजनीति में हडकंप मचा दिया है। गैर जाट दिग्गजों को जहां अपना वोट बैंक खिसकता दिख रहा है, वहीं गैर जाट व्यापारियों, दुकानदारों को हुए नुकसान की तस्वीर पेश कर रही है और इनके नुकसान की पूर्ति के लिए सरकार पर दवाब बनाना इनकी विवशता बन गई है। जाट आरक्षण आंदोलन पर चुप्पी साधे रहेे कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने प्रो. वीरेंद्र सिंह को नोटिस थमा कर गैर जाटों में जरूर एक आशा की किरण पैदा कर दी है। कांग्रेस क्या गैर जाटों को नेतृत्व देने में सफल हो पाएगी, ऐसा तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर भाजपा से नाखुश गैर जाटों का रूझान कांग्रेस की तरफ देखा जाने लगा है। क्या भाजपा प्रदेश में उपजे जन आक्रोश को समाप्त करने में सफल हो पाएगी, इस पर सबकी नजरें रहेंगी।