जाट आरक्षण आंदोलन ने बदली हरियाणा की तस्वीर: हैपनिंग हरियाणा योजना को झटका

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा में पिछले सप्ताह हुए जाट आरक्षण अंदोलन से हरियाणा विकास पटरी से नीचे उतर गया है। आगजनी, लूटपाट से प्रदेशवासी भी भयभीत हो उठे है। हरियाणा सरकार की हैपनिंग योजना पर इस आंदोलन की वजह से ग्रहण लग गया है, जिसके लिए खट्टर सरकार प्रदेश में निवेश को आकर्षित करने के प्रयास कर रही थी। हरियाणा में 7, 8 व 9 मार्च को इसी कड़ी में गुडग़ांव में हैपनिंग हरियाणा समिट की तैयारी की जा रही थी, जिस पर आरक्षण आंदोलन भारी पड़ता दिखाई देने लगा है। प्रदेश में स्वाह हो चुके शहरों को देखकर निवेश करने वाला शायद ही कोई बिरला हो। उद्योगों को हुए नुकसान का आंकलन एसोचैम ने 20 हजार करोड़ रूपए तक आंका है, वहीं पीएचडी चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्रीज इसे 34 हजार करोड़़ मान रही है। सीआईआई भी इस क्षति से चिंतित है। प्रदेश में हुए जाट आरक्षण आंदोलन की वजह से गुडग़ांव की ऑटोमोबाइल की बड़ी कंपनियों पर ताले लटक गए है, वहीं पानीपत में टैक्सटाइल व पैट्रो कैमिकल, फरीदाबाद में लाइट इंजीनियर गुड्स इंडस्ट्री, गुडगांव की ऑटा पार्टस इंडस्ट्री, सोनीपत व मेवात में फार्मास्यूटिकल इंडस्ट्री, राई में प्रिटिंग इंडस्ट्री, रोजकामेव में मार्बल व स्टोन कटिंग इंडस्ट्री इत्यादि आंदोलन से प्रभावित हुई है। प्रदेश के करनाल, पानीपत, हिसार, रोहतक, बहादुरगढ़, झज्जर, भिवानी, जींद,गोहाना, सोनीपत, कैथल इत्यादि जिलों में उद्योग व व्यापारिक गतिविधियां पूर्णयता ठप्प होकर रह गई है। प्रदेश के सभी जिले प्रदेश में अपनी पहचान बना चुके है। जाट आरक्षण आंदोलन की वजह से मारूति सुजूकी के दोनो प्लाट बंद हो गए है और इस औद्योगिकी ईकाई की माल सप्लाई करने वाली करीब तीन सौ वैंडर कंपनियां आर्थिक चपेट में आ गई है। हरियाणा सरकार द्वारा 7, 8 व 9 मार्च को गुडग़ांव में होने वाली हैपनिंग हरियाणा योजना से सरकार कितनी हैपी होगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। सरकार ने समिट में देश-विदेश के उद्यमी और निवेशकों को न्यौता दिया हुआ है। हैपनिंग हरियाणा समिट निर्धारित समय पर होगा या नहीं, इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा रहा, बल्कि शिक्षा मंत्री हरियाणा राम बिलास शर्मा इस कार्यक्रम को रद्द या स्थगित नहीं करने की बात कह रहे है।