लीडऱों और अफसरों की सेवा में है पंजाब पुलिस

बठिण्डा(प्रैसवार्ता)। पंजाब पुलिस सत्तापक्ष के चहेतों, राजसी दिग्गजों और अफसरशाही को तव्वजों दे रही है, जबकि प्रदेशवासी राम भरोसे जीवन व्यतीत कर रहे है। बठिण्डा पुलिस के कर्मचारी बठिण्डा के अतिरिक्त प्रदेश के कई जिलों में तैनात किए गए है। 'प्रैसवार्ता' को मिली जानकारी के अनुसार पंजाब पुलिस ने तख्त श्री दमदमा साहिब के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी गुरमुख सिंह को 23 पुलिस कर्मचारी बतौर सुरक्षा उपलब्ध करवाए गए हैै, जिनमें से 11 बठिण्डा पुलिस, पांच अमृतसर पुलिस तथा 7 आईआरबी से है। सरकार का इस सुरक्षा पर दस लाख रूपए प्रतिमास खर्च हो रहा है। इसके अतिरिक्त एक एस्कार्ट तथा पॉयलट गाड़ी भी जत्थेदार को मिली हुई है। बठिण्डा पुलिस के 150 से ज्यादा कर्मचारी राजसी नेताओं और अफसरशाही की सुरक्षा में तैनात है, जबकि बगैर सरकारी रिकार्ड में दर्ज इनका आंकड़ा भी बढ़ सकता है। कैबिनेट मंत्री आदेश प्रताप कैरो की माता कुसुमजीत कौर को बठिण्डा पुलिस ने 15 अक्टूबर 2012 से एक गनमैन दिया हुआ है। अकाली नेता हरबिन्द्र सिंह बादल को 10 जून 2014 से, शिरोमणी अकाली दल की वर्किंग कमेटी के सदस्य जरनैल सिंह वासी बटाला (गुरदासपुर) की 12 दिसंबर 2015 से, मुक्तसर जिला के पवन प्रीत उर्फ बब्बी(बादल) को 9 अक्टूबर 2014 से, मुख्यमंत्री पंजाब के राजनीतिक सचिव भूपेंद्र ढिल्लों को एक-एक गनमैन दिया हुआ है। एडीजीपी (जेल) राज्यपाल मीणा के साथ पिछले 12 वर्ष से बठिण्डा पुलिस का गनमैन, डीआईजी (प्रशासन) अशीष चौधरी के साथ 6 नवंबर 2012 से दो पुलिस गनमैन है। एडीजीपी (एच) जालंधर, अलका मीणा के साथ दो गनमैन 4 नवंबर 2015 को तैनात किए गए है। इसके अतिरिक्त बठिण्डा पुलिस के तीन कर्मचारी बाहरी जिला में अफसरों के गनमैन बताए जाते है। राज्यसभा सांसद सुखदेव सिंह ढीडंसा को बठिण्डा पुलिस ने एक गनमैन, अकाली नेता बलबीर सिंह सिधु को 15 मार्च 2015 से दो गनमैन दिए हुए हैै। पंजाब पुलिस ने ऐसे चेहरों को भी गनमैन उपलब्ध करवाए हुए है, जिनके पास कोई सवैधानिक पद नहीं है। पंजाब पुलिस ने कांग्रेसी नेता भूपिंद्र गैरा को दो, डेरा सलावतपुरा, डेरा मलूका और डेरा रूमी वाला के मुख्य प्रबंधकों को एक-एक गनमैन दिया हुआ है। डेरा सच्चा सौदा प्रकरण में एक मामले में गवाह खट्टा सिंह के बेटे गुरदास सिंह को भी दो गनमैन दिए हुए है। इसी प्रकार डिप्टी कमिश्नर, एसएसपी के साथ 22 कर्मचारी तैनात है। सूत्रों के मुताबिक बठिण्डा पुलिस में 1960 सिपाही हैै। वीवीआईपी जिला होने करके विशेष ड्यूटी काफी निभानी पड़ती है, जिस कारण पुलिस थानों में स्टॉफ की कमी रहती है, जिस कारण जिला बठिण्डा में असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद है।