सिरसा में निकाला शांति मार्च

प्रैसवार्ता न्यूज, सिरसा(विक्रम भाटिया)। हरियाणा में हुए जाट आरक्षण आंदोलन में हुई हिंसा व तोडफ़ोड़ को लेकर लोगों में रोष है। लोग इस से प्रभावित लोगो की मदद के लिए आगे भी आ रहे हैं। इसी के चलते जाट आरक्षण आंदोलन में हुई हिंसा और तोडफ़ोड़ से प्रभावित लोगो को जल्द से जल्द मुआवज़ा दिए जाने की मांग को लेकर सिरसा में  हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल, समाज सेवी संस्थाओ ,शहरवासियों और 35 बिरादरी के लोगो ने रोष प्रदर्शन किया। इस से पहले सभी लोग सिरसा के नेहरू पार्क में एकत्रित हुए जहा प्रदेश की शांति के लिए हवन यज्ञ किया गया और फिर जुलुस की शक्ल में सिरसा के मुख्य बाज़ारो से होते हुए टाउन पार्क पहुंचे जहा राजयपाल के नाम का ज्ञापन सौंपा गया। वही लोगो ने इस सारे मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग भी की। 
बिरादरी बुरी नहीं, सोच बुरी हो सकती है: एडवोकेट सिंह
पत्रकारों से मुखातिब होते हुए सरदार विक्रमजीत सिंह एडवोकेट ने कहा कि कोई भी बिरादरी बुरी नहीं होती, जबकि कुछ लोगों की सोच गलत हो सकती है। व्यापारियों व किसानों का सुख-दुख हमेशा सांझा रहा है और भविष्य में भी यह समाजिक रिश्ता बना रहे, इसका प्रयास किया जाना चाहिए। प्रदेश में हुए हिंसक आंदोलन और महिलाओं की इज्जत से खेलने के समाचारों से प्रदेश वासियों का सिर नीचा हुआ है। मौजूदा सरकार ने इस मामले में चुप्पी क्यों साधी और कब साजिश कर्ताओं का पर्दाफाश करेगी, यह सच्चाई जानने के लिए सभी इच्छुक है। वारदात करने वाले अपराधियों को मुआवजा और सरकारी नौकरी किस बात का संकेत देती है, इस पर भी विचार करना जरूरी है। सरकार ने यदि समय रहते दंगाईयों के प्रति सख्त रूख अपनाया होता, तो प्रदेशवासियों की सद्भावना व भाईचारे में दरार न आती। एडवोकेट विक्रमजीत सिंह ने सरकार से मांग की है कि वह इस हिंसक आंदोलन से प्रभावित लोगों को तुरंत मुआवजा उपलब्ध करवाएं और दोषीगणों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करें।

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