हरियाणा में कांग्रेस की सद्भावना यात्रा से दूरी: पड़ सकती है भारी - The Pressvarta Trust

Breaking

Monday, April 11, 2016

हरियाणा में कांग्रेस की सद्भावना यात्रा से दूरी: पड़ सकती है भारी

प्रैसवार्ता न्यूज, सिरसा(मनमोहित ग्रोवर)। हरियाणा में कांग्रेस के आपसी कलह के चलते कांग्रेसीजन सकते में है, जबकि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व इस कलह  पर गंभीर नजर नहीं आ रहा। हरियाणा में कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर है और दूसरी तरफ पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा समांतर कांग्रेस चलाए हुए है। समांतर कांग्रेस, जिसे हरियाणवी राजनीति में गुलाबी कांग्रेस भी कहा जाता है, हर मोड़ पर राजनीतिक झटके खा रही है, जबकि कांग्रेस प्रधान अशोक तंवर का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है।  तंवर ने हरियाणा विधानसभा में कांग्रेस दल की नेता किरण चौधरी के नेतृत्व में एसवाईएल सद्भावना यात्रा शुरू की है, जिसमें कांग्रेस के 15 में से 14 विधायकों ने दूरी बनाई हुई है, जिन्हें भूपेंद्र सिंह हुड्डा समर्थक कहा जा सकता है। 15 विधायकों वाली हरियाणा कांग्रेस के 14 विधायकों का हुड्डा पक्षीय होने के बावजूद भी भूपेंद्र हुड्डा का विरोधी कहे जाने वाली किरण चौधरी विधायक दल की नेता है, जोकि भूपेंद्र हुड्डा के लिए एक गहरा राजनीतिक घाव कहा जा सकता है। एसवाईएल प्रकरण को लेकर पंजाब-हरियाणा आमने-सामने है। पंजाब सरकार ने एसवाईएल के निर्माण के लिए अधिगृहित की गई जमीन को किसानों को वापिस लौटाने तथा नहर को बंद करने का निर्णय लिया है, जिसके खिलाफ हरियाणा सरकार ने उच्चतम न्यायालय में दस्तक दी थी, जिस पर यथा स्थिति कायम रखने का आदेश दिया। इसके बावजूद पंजाब के किसानों पर उच्चतम न्यायालय के आदेश का कोई असर नहीं है। फिलहाल यह मामला उच्चतम न्यायलय में विचाराधीन है। 'प्रैसवार्ताÓ को मिली जानकारी के अनुसार इससे पूर्व पंजाब की कांग्रेस सरकार ने विधानसभा में विधेयक पारित करके पडौसी राज्यों से हुए सभी जल समझौते रद्द कर दिए थे। हरियाणा के राजनीतिक दल इस प्रकरण को लेकर अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए सक्रिय हो गए है। कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर ने इस मामले को जनता के बीच लाने के लिए एसवाईएल सद्भावना यात्रा की डुगडुगी बजाई, तो किरण चौधरी पूरी तरह से इनके साथ हो गई। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के समर्थकों की दूरी को लेकर कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व नजर बनाए हुए है और ऐसी उम्मीद की जा रही है कि जिन विधायकों ने इससे दूरी बनाई हुई है, उन्हें आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस टिकट से दूर रखा जा सकता है।

No comments:

Post a Comment

Pages