सिरसा पुलिस प्रदेश की बेहतर पुलिस: सात हुई घटनाएं और सभी सुलझी

सिरसा(प्रैसवार्ता)। पंजाब तथा राजस्थान की सीमा से सटे प्रदेश के जिला मुख्यालय सिरसा में वर्ष 2014 से लेकर वर्ष 2016 तक सात घटनाएं डकैती की दर्ज की गई तथा सभी को सुलझाकर सिरसा पुलिस ने बेहतर कार्यशैली का प्रमाण दिया हैै। 'प्रैसवार्ता' को मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश में वर्ष 2014 से लेकर फरवरी 2016 तक डकैती की कुल 266 घटनाएं दर्ज की गई, जिनमें गुडग़ांव में 37, फरीदाबाद में 21, अंबाला-पंचकुला में 7, हिसार में 13, सिरसा में 7, भिवानी में 23, जींद में 7, फतेहाबाद में 3, रेवाड़ी में 17, पलवल में 16, कैथल में 1, कुरूक्षेत्र में 8, यमुनानगर में 8, नारनौल में 7, मेवात में 27, रोहतक में 18, सोनीपत में 8, पानीपत में 16, करनाल में 5 तथा झज्जर में 11 मामले दर्ज किए गए थे। डकैती की इन घटनाओं में 196 मामलों की गुत्थी तो सुलझा ली गई, जबकि 76 ऐसे मामले है, जिनका पुलिस को अभी तक कोई सुराग नहीं मिला। सिरसा जिला में हुई डकैती की 7 वारदातों को सुलझाया जा चुका है। हरियाणा में होने वाली चोरी, लूटपाट, डकैती तथा वाहन चोरी जैसी घटनाओं की रिपोर्ट दर्शाती है कि हरियाणा में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस की अंतराज्जीय टीमों को मजबूत बनाने की जरूरत है। हरियाणा में कोई भी ऐसा जिला शेष नहीं बचा, जिसमें डकैती जैसी घटना न हुई हो। कैथल एक मात्र ऐसा जिला है, जहां मात्र एक ही वारदात हुई और उसे सुलझा लिया गया। प्रदेश में ऐसी वारदातों को लेकर पुलिस मानचित्र देखा जाए, तो सिरसा जिला पुलिस की कार्यशैली राज्य के अन्य जिलों से कहीं ज्यादा बेहतर है, जहां दर्ज सातों घटनाओं को सुलझाया जा चुका है।

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