अपना उल्लू सीधा करने के लिए इंसान कुछ भी कर सकता है: संत गुरमीत - The Pressvarta Trust

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Sunday, April 17, 2016

अपना उल्लू सीधा करने के लिए इंसान कुछ भी कर सकता है: संत गुरमीत

सिरसा(प्रैसवार्ता)। बेपरवाह शाह मस्ताना की स्मृति में आयोजित 8वें याद ए मुर्शिद पोलियो पैरालिसिस एवं नि:शक्तता उन्मूलन शिविर का शुभारंभ डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम ने किया। शाह सतनाम जी धाम में लगाया गया यह शिविर में 5 दिनों तक चलेगा और  पहले दिन 247 लोगों की ओपीडी हुई। शिविर में चयनित मरीजों के शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल में आप्रेशन होंगे। इस अवसर पर पत्रकारों से मुखातिब होते हुए डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम ने कहा कि इस शिविर में पोलियो या किसी वजह से चोट लगने से टेढ़े हुए अंगों व हड्डी के रोगों की जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि नि:शक्त में हीन भावना ना आने दो तथा उन्हें प्रेरित करें कि वे मजबूत हैं उनमें कमी नहीं है। नि:शक्त लोगों की मदद करने का बेहतर तरीका उनका इलाज करवाएं , ये उनके लिए बहुत अच्छा तोहफा है। लकवाग्रस्त या अंगहीन व्यक्ति को कृत्रिम अंग दिलाते हैं तो उनकी समस्या का समाधान हो जाता है। 

ये चिकित्सक दे रहे है सेवाएं
बता दें कि 17 से 21 अपै्रल तक चलने वाले इस शिविर में पीजीआई रोहतक के हड्डी रोग विभाग के डायरेक्टर प्रो. राकेश गुप्ता, पूर्व वाइस चांसलर प्रो. एसएस सांगवान, एसोसिएस्ट प्रो. डा. राज सिंह, डा. अमित बतरा, डा. उमेश यादव, डा. राजेश रोहिला, डा. मोहित खन्ना, हिसार के सीपी स्पेशलिस्ट डा. संजय अरोड़ा, फतेहाबाद से डा. अवतार सिंह बजाज, मानसा से डा. पंकज शर्मा, बुलंदशहर से डा. अरूण गोयल, मेडिकल कॉलेज अग्रोहा  से प्लास्टिक सर्जन डा. स्वप्निल,  वीएमएमसी दिल्ली से एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डा. वंदना तलवार, हिसार से डा. नीरज मोंगा, डा. ङ्क्षशजिनी लहरी, सिरसा से डा. सुशील आजाद, शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल से डा. वेदिका, डा. रत्नेश, डा. पुनीत इन्सां, डा. कपिल सिडाना, बच्चों के चिकित्सक डा. अमित गुप्त, फिजियोथैरेपी डा. संदीप बजाज, डा. नीता शर्माद्व डा. इंद्रप्रीत, डा. जसविंद्र सहित शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल के अन्य चिकित्सक मरीजों की जांच कर रहे है।

अपना उल्लू सीधा करने के लिए इंसान कुछ भी कर सकता है: संत गुरमीत
इस दौरान शाह सतनाम धाम में आयोजित सत्संग में आए श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए डेरा प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम ने कहा कि घोर कलयुग का समय है। इसमें मंन इंद्रियां बड़े फैलाव पर है। कहते हैं मौसम बदल रहा है, गर्मी है शायद इसीलिए क्रोध आता है, इंसान गलत करम करता है परंतु यह सब बहानेबाजी है। खान पान, सोच में जहर है तो नेचयूरली कहर बरसता है। इंसान की भावनाएं सोच ऐसी हो गई है इंसान मतलब परस्त, स्वार्थी हो गया है। अपना उल्लू सीधा करने के लिए कुछ भी कर सकता है। जो समय की चाल को पहचान लेते हैं वहीं सुखी है, उन्हें ही परमानंद मिलता है। इस दौरान 5567 लोगों को गुरुमंत्र, नाम शब्द दिया गया और 8 शादियां करवाई गई। 2 जरूरतमंदों को आर्थिक सहायता हेतु 1 लाख 35 हजार रुपए के चैक प्रदान किए। 

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