नए जिलों के गठन से ही बदल जाएगी हरियाणा की तस्वीर

सिरसा(प्रैसवार्ता)। तीन लालों के इर्द-गिर्द घूमती रही हरियाणा राजनीति से तीन लाल तो अलविदाई ले चुके है, मगर उनकी याद को बनाए रखने के लिए एक ओर लाल का हरियाणवी राजनीति में आगाज हो गया है। हरियाणा के एक लाल चौधरी देवीलाल ने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल में  हरियाणा को कैथल, पानीपत, रेवाड़ी तथा यमुनानगर नए जिले दिए, तो वहीं बंसीलाल ने सिरसा, भिवानी, सोनीपत, कुरूक्षेत्र, झज्जर तथा फतेहाबाद को जिला का दर्जा दिया। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भजनलाल ने भी इन दो लालों की तर्ज पर चलते हुए फरीदाबाद  व पंचकुला को जिला बनवाया। तीनों लालों के निधन उपरांत भूपेंद्र हुड्डा भी मेवात तथा पलवल को जिला उपहार दे गए। हरियाणा में जिलों का आंकड़ा बढ़ाते हुए मौजूदा भाजपा सरकार गोहाना, दादरी व हांसी को जिला बनाने जा रही हैं। 1966 में जब हरियाणा अस्तित्व में आया, तब हरियाणा में सात और पंजाब में 13 जिले थे। मगर अब हरियाणा का आंकड़ा 24 तक पहुंचने जा रहा है, जबकि पंजाब में 22 जिले है।  हरियाणा में चौधरी देवीलाल, बंसीलाल, भजनलाल, भूपेंद्र हुड्डा ने एक लंबे समय तक मुख्यमंत्री की कुर्सी संभाली है और इन चारों पूर्व मुख्यमंत्रियों ने हरियाणा वासियों को जिले बतौर उपहार दिए है, जिनकी तर्ज पर मौजूदा सरकार भी कदम बढ़ा रही है। हरियाणा प्रदेश पंजाब राज्य से काफी छोटा है, मगर जिलों का आंकड़ा जरूर पंजाब से बढ़ जाएगा। प्रदेश में बढ़ते जिला आंकड़े से हरियाणा की तस्वीर तो जरूर बदल जाएगी, मगर इसके गठन से प्रदेशवासियों को कितना फायदा होगा, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर यह निश्चित है कि नए जिलों के अस्तित्व में आने से अन्य जिलें जरूर प्रभावित होंगे।

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