हरियाणा-पंजाब पर मंडरा रहा है भूकंप का खतरा

लुधियाना(प्रैसवार्ता)। पड़ौसी देश नेपाल में बीते वर्ष आए विनाशकारी भूकंप ने पंजाब सहित भारत के 81 शहरों को भयभीत कर दिया है, जहां कभी-कभी हलके भूकंप आकर इन शहरवासियों की बेचैनी बढ़ा देते है। केंद्र सरकार द्वारा 16 मार्च को जारी नए डाटा अनुसार 81 नए शहरों को संवेदनशील माना गया है और इसी डाटा के साथ देश के 107 शहरों पर भूकंप का खतरा मंडराने लगा है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2002 में असम की राजधानी गुवाहटी तथा जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर को सबसे ज्यादा भूकंप के खतरे वाला जोन माना गया था, मगर अब पूरे उत्तर पूर्वी राज्य, जिनमें पंजाब के अमृतसर, जालंधर, पटियाला, लुधियाना, बठिण्डा, हरियाणा के अंबाला, हिमाचल के शिमला और मंडी, उत्तराखंड के देहरादून, रूड़की, नैनीताल व अलमोड़ा, यूपी के कानपुर, पीलीभीत, लखनऊ, बहराईच, आगरा, बुलंदशहर, मेरठ, झांसी, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली, राजस्थान के बीकानेर, जयपुर, जोधपुर, कोटा, अजमेर, उदयपुर, मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, जबलपुर, सिरोह, गुजरात के भुज, अहमदाबाद, वडोदरा, भावनगर, राजकोट, काकरापारा, सूरत, तारापुर, महाराष्ट्र के पुणे, मुंबई,भिंवडी, नासिक, उसमानाबाद, सोलापुर, गोआ, पणजी, कर्नाटक के बंगलौर, धारवाड, बेलगाम, कारवार, बीजापुर, मंगलौर, नागालैंड, कोहिमा, मनीपुर, इन्फाल, कोची, कोझीकोड, त्रिवेन्द्रम, चेन्नई, कोयम्बटूर, सेलम, तिरूचिरापल्ली,  मदुरै, हैदराबाद, विजयवाडा, विशाखापटनम्, उड़ीसा, कटक, भुवनेश्वर, कोलकाता, दुर्गापुर, आसन सोल, बर्दवान, दार्जिलिंग, गैंगटॉक, रांची, जमशेदपुर, दरभंगा, बोकारो, पटना, बरौनी, गया, असम, तेजपुर, जोरहाट तथा  सादिया शहर संवेदनशील है, जिन पर भुंकप का खतरे के बादल मंडरा रहे है। 

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