डेरा सच्चा सौदा के इस अजूबे को देखने के लिए विदेश से आते है लोग - PRESSVARTA NEWS

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Wednesday, May 11, 2016

डेरा सच्चा सौदा के इस अजूबे को देखने के लिए विदेश से आते है लोग

सिरसा(प्रैसवार्ता)। सर्वधर्म संगम डेरा सच्चा सौदा विश्व को रूहानियत का तो संदेश दे ही रहा है।  डेरा प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां के मार्गदर्शन में डेरा सच्चा सौदा ने कई वल्र्ड रिकॉर्ड अपने नाम हासिल किये है। इस संस्थान ने एक से एक बढ़कर एक विलक्षण कार्य किये है। रक्तदान, पौधरोपण के अलावा लोगों को जागरूक करने की दिशा में डेरा सच्चा सौदा ने अहम प्रयास किये है।  यहां हर मोड़ पर अजूबे ही अजूबे नजऱ आते है। चाहे वो शिक्षा, खेल यां फिर रूहानियत के क्षेत्र में क्यों न हो । मगर आज हम आपको जिस अजूबे से रु-ब-रु करवाएंगे, उसे  देख आप दांतो तले उंगली चबाने को मजबूर हो जाएंगे। आपने कपड़े धोने वाली मशीने तो आम देखी होंगी। हम सब के घरों में कपड़े धोने वाली मशीन तो आम होती ही है, लेकिन आज जो हम आपको कपड़े धोने वाली मशीन के बारे में बताएंगे तो उसे देख आप अचंबित जरूर होंगे। जी हां हम बात कर रहें हैं, डेरा सच्चा सौदा में बनी सच्च अजूबा वाशिंग मशीन की। जिसके चर्चे न केवल भारत में नहीं बल्कि पूरी दुनिया में इसे अजूबे की मशीन से जाना जाता है। आमतौर पर हम अपने घरों में कपड़े धोने वाली मशीन में दस या पंद्रह कपड़े धोने के लिए डालते हैं, जिसे मशीन आसानी से धो भी देती है। मगर इस मशीन में एक बार में 600 कपड़े धोए जाते हैं व प्रतिदिन इस अजूबा वाशिंग मशीन में 4 से 5 हजार तक कपड़े एक साथ धोये जाते है, जो अपने आप में किसी अजूबे से कम नहीं हैं, इसी को देखते हुए लिम्का बुक ऑफ़ रिकॉर्ड ने सच्च अजूबा वाशिंग मशीन को 2 नए रिकॉर्डो से नवाजा है।   इस चलाने वाले लोगों का कहना है कि इस तरह की एक साथ हजारो कपड़े धोने वाली मशीन पूरे भारत के इलावा किसी भी देश में नहीं होगी।   डेरा सच्चा सौदा के शाह सतनाम जी धाम में बनी सच्च अजूबा वाशिंग मशीन 12 बाय 12 में बनी है। ये दिखने में विशाल गोल डिग्गी के आकार में  दिखाई देती है, लेकिन इसके कारनामों के बारे में हम आपको बताएं तो आप दंग रह जाएंगे। इस मशीन में एक बार में 4 से 5 हजार तक कपड़े एक साथ धोये जाते है, जो अपने आप में किसी चमत्कार से कम नहीं है। यहीं नहीं आपको बता दें कि सच्च अजूबा मशीन दिन और रात को चलती है कई बार तो 24 घंटे लगातार चलती है, इसे शुरू करने से पहले 1200 लीटर पानी डाला जाता है, फिर उसमे कपड़ो को धोने के लिए मसाला डाला जाता है, जिससे कपड़ो में गंदगी आसानी से निकल जाती है, इस गोल आकर की बनी वाशिंग मशीन के नीचे एक बढ़ी मशीन लगाई हुई है, जो मशीन में पानी में डाले कपड़ो को घुमाने का कार्य करती है।  ये सब करने के बाद मशीन में पानी व कपड़े गोल गोल एक साथ घूमने लगते है, कई देर तक घूमने के बाद जब कपड़े धूल जाते हैं तो 2 लोग मशीन के अंदर घुसकर धोये गए कपड़ो को एक एक करके निकलते हैं फिर उसे मशीन के ऊपरी हिस्से में उन धोये हुए कपड़ो को रखा जाता है, इसके बाद मशीन के ऊपरी हिस्से में 2 लोग और ऊपर धुले हुए कपड़ो को नचोड़ते हैं, फिर उसे पानी की बनी बड़ी डिग्गी में कपड़ो को साफ पानी में अच्छे तरीके से दोबारा धुलाई की जाती है व कपड़ो की धुलाई के बाद उन्हें पानी से निकाला जाता है। अंत में इन धुले हुए कपड़ों को फिर बढ़ी कपड़े सुखाने वाली मशीन में डाला जाता है, जिसमें एकबार में 700 कपड़ा एक साथ सुखाया जाता है। एक बार इतने कपड़े सुखाना ये भी अपने आप में हैरान कर देने वाली मशीन ही है, महज 10 मिनट में कपड़े सूखने वाली मशीन एक साथ सभी कपड़े सुखा देती है, फिर उन कपड़ो को सेवादार धूप में दोबारा सुखा देते है। इस तरह बड़े स्तर पर डेरा सच्चा सौदा में अजूबा मशीन में कपड़ो को धोया जाता है।   तो देखा आपने इस तरह की एक साथ हजारों कपड़े धोने व उन्हें सुखाने की मशीन शायद ही आपने कहीं देखी हो, इसीलिए डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह जी इन्सां ने इस मशीन का नाम सच्च अजूबा वाशिंग मशीन 1994  में रखा था और वास्तव में ये एक बहुत बड़ा अजूबा ही है। एक साथ ये मशीन इतने कपड़ो की धुलाई इंसान को हैरत में जरूर डाल देती है। इस अजूबा को देखने के लिए लोग न केवल भारत से यहाँ आते है बल्कि बड़े बड़े इंजीनियर विदेशों के लोगों का इस मशीन को देखने में ताँता लगा रहता है।
सच्च अजूबा वाशिंग मशीन का किस्सा अभी खत्म नहीं हुआ। कपड़े धोने के बाद सूखे हुए कपड़ो को एक बड़े हाल में लाया जाता है, जहां 10 से 15 लोग उन सुखे हुए कपड़ो एक एक करके कपड़ो को छटनी करते हैं। यहाँ कपड़ों की छटाई करने के तरीका भी सबसे हटके है कपड़े धोने से पहले काले मार्कर से एक एक कपड़े पर नंबर लगाया जाता है, जिससे कपड़ो को आसानी से ढूंढा जा सकता है।  कपड़े सूखने के बाद इस हाल में लाया जाता है इस हाल में कमरे की छत के उपर 1 से लेकर 500 नंबर तक की प्लेटें लगाई हुई है, वहीं कपड़ो पर भी नंबर लगे होते हैं जो कपड़े पर नंबर लगा होता है उसी नंबर प्लेट के नीचे वो कपड़ा रखा जाता है जिससे कपड़े की गिनती सही तरीके से हो जाती है।  वहीँ इस हाल में कार्य कर रहें सुखजीत इन्सां के सेवादार ने बताया की हमें कपड़े धोने के बाद हजारों कपड़े की छटाई करनी बहुत मुश्किल हो जाती थी, सारा सारा दिन लग जाता था कपड़ो को छांटते छांटते मगर गुरु जी ने हमें ये प्लेट वाला तरीका बताया जिससे आज हम आसानी से रोजाना हजारों कपड़ो की छटाई करते हैं।
छटनी के बाद कपड़ो को इस्त्री की जाती है। उत्तरप्रदेश से आए अजय ने बताया कि मैं शारीरिक रूप से विकलांग हूँ, मैंने अपने जीवन में बहुतसी ठोकरें खाई बहुत जगह काम ढूंढा मगर मैं हमेशा काम करने में असमर्थ रहता था। लेकिन डेरा सच्चा सौदा में आकर मुझे एक बार में ही सच्च अजूबा वाशिंग मशीन पर मुझे नौकरी मिल गयी। जिस तरह इस मशीन का नाम सच्च अजूबा रखा है उसी तरह मुझ जैसे अपाहिज को यहां कार्य दिया ये मेरे लिए किसी अजूबे से कम नहीं है। तो देखा आपने डेरा सच्चा सौदा रूहानियत के साथ  आधुनिक तरीके से ऐसी सुविधाओं को जन्म देकर लोगों को जागरूक कर रहा है। डेरा सच्चा  सौदा में ऐसी एक नहीं बल्कि अनेक नई योजनाओं को डेरा प्रमुख ने जन्म देकर नए आयम स्थापित किये हैं, जिनके चर्चे ना केवल भारत में बल्कि पूरी दुनियां में हैं। 

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