पंजाब: 'हैट्रिक' के लिए अकाली दल चुनावी समर में उतार सकता है नए चेहरे

सिरसा/बठिण्डा (प्रैसवार्ता)। वर्ष 2017 में होने वाले पंजाब प्रदेश के विधानसभा चुनाव में 'हैट्रिक' लगाने के लिए शिरोमणी अकाली दल व भाजपा गठबंधन चुनावी समर में कई नए चेहरों को उतारने, कई दिग्गजों की टिकट काटने के साथ साथ कई दिग्गजों के विधानसभा बदलने की तैयारी कर रहा है। भाजपा देश में बढ़ते जनाधार को लेकर पंजाब में 23 विधानसभा क्षेत्रों की बजाए 30 क्षेत्रों पर चुनाव लड़ सकती है। इसके लिए अकाली दल व भाजपा पर सहमति बन जाने की खबर है। कांग्रेस ने महागठबंधन के लिए राजनीतिक प्रयास शुरू कर रखे है। आम आदमी पार्टी फिलहाल अकेले ही अपनी डफली बजा रहा है। अकाली दल हैट्रिक के लिए 30 प्रतिशत से ज्यादा नए चेहरों पर दाव खेलने की तैयारी में है। कांग्रेस ने प्रशांत किशोर का मार्गदर्शन लेकर सत्ता तक पहुंचने का स्वपन संजोया हुआ है। प्रशांत किशोर द्वारा तैयार की जा रही रणनीति पर कांग्रेस द्वारा अमलीजामा पहनाया जा रहा है। अकाली दल विकास कार्यों सहित कई जनकल्याणकारी योजनाओं को लेकर चुनावी मैदान में उतरेगा। विवादित तथा जनभावनाओं पर खरा न उतरने वाले अकाली दिग्गजों को टिकट नहीं देने तथा युवा चेहरों को तव्वजों देने की योजना सुखबीर बादल द्वारा बनाई गई है। भाजपा भी जीतने वाले उम्मीदवारों को चुनावी समर में उतारने जा रही है। हैट्रिक के लिए सुखबीर बादल द्वारा आर्थिक, सामाजिक, धार्मिक और राजनीतिक विशेषलकों से संपर्क बनाकर विचार विमर्श भी किया जा चुका है। पार्टी दिग्गजों से खफा लोगों से सुखबीर बादल खुद मिलकर उनकी समस्याओं के समाधान में जुट गए है। केंद्र से पंजाब के लिए बड़ा पैकेज लाने के लिए प्रयासरत् बताए जाते है। सूत्रों के अनुसार 80 से ज्यादा विधानसभा क्षेत्रों का खुफिया सर्वे सुखबीर बादल द्वारा करवाया जा चुका है, जिनमें करीब एक दर्जन विधानसभा क्षेत्रों से नए चेहरों को अकाली दल का उम्मीदवार बनाया जा सकता है। आधा दर्जन मौजूदा अकाली दिग्गजों का चुनावी क्षेत्र बदला जा सकता है।


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