भूपेंद्र हुड्डा सहित कई कांग्रेसी दिग्गजों पर लटक रही है कानूनी तलवार

सिरसा(प्रैसवार्ता)। 130 वर्ष पुरानी कांग्रेस का वर्ष 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में विपक्षी पद तक न पहुंचना कांग्रेस के जनाधार के गिरते ग्राफ को दर्शाता है, वहीं कई कांग्रेसी दिग्गजों पर कानूनी तलवार भी लटकती देखी जाने लगी है। कांग्रेस सुप्रीमों सोनिया गांधी, कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा भूपेंद्र हुड्डा, पूर्व केंद्रीय मंत्री पी के चिदंबरम, मल्लिकार्जुन खडगे, वीरंप्पा मोहली, पूर्व सांसद नवीन जिंदल इत्यादि के खिलाफ विभिन्न विभिन्न मामलों की जांच चल रही है। जांच के चक्रव्यूह में घिरे इन कांग्रेसी दिग्गजों को जेल यात्रा तक करनी पड़ सकती है। इससे कांग्रेस की छवि प्रभावित होगी और उसे जनता के बीच जाकर भ्रष्टाचार से जुड़े इन मामलों का जवाब जनता को देना मुश्किल हो जाएगा। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के खिलाफ नैशनल हैराल्ड प्लॉट प्रकरण में भादंसं की धारा 409/420/120बी व भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत विजीलेंस विभाग द्वारा मुकद्दमा दर्ज किया जा चुका है, जबकि इससे पूर्व भाजपा सरकार द्वारा भूपेंद्र  हुड्डा के खिलाफ पंचकुला में 13 औद्योगिकी प्लॉट आवंटन मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जा चुकी है। इस संंबंध में स्टेट विजीलेंस में 19 दिसंबर 2015 को भूपेंद्र  हुड्डा सहित कई अधिकारियों पर मामला दर्ज किया था, जिसे सरकार ने जांच के लिए सीबीआई के पास भिजवाया है। भाजपा शासन गेहूं की करनाल बंट नामक बीमारी के उपचार हेतु रैक्सील दवाई की खरीद तथा गुडग़ांव के मानेसर में करीब चार सौ एकड़ भूमि के जबरी अधिग्रहण के मामले में भी भूपेंद्र हुड्डा के विरूद्ध सीबीआई जांच की सिफारिश कर चुकी है। भाजपा सरकार द्वारा भूपेंद्र हुड्डा को दी गई कैबिनेट मंत्री की सुविधाएं वापिस ले ली है, जबकि धींगड़ा आयोग की रिपोर्ट भी भूपेंद्र हुड्डा पर भारी पड़ सकती है। राजनीतिक झटके झेल रहे भूपेंद्र हुड्डा की मुश्किलें पीछा छोडऩे की बजाए निरंतर बढ़ रही है।

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