हरियाणवी राजनीति की युवा शक्ति हाशिये पर - The Pressvarta Trust

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Friday, May 27, 2016

हरियाणवी राजनीति की युवा शक्ति हाशिये पर

सिरसा(प्रैसवार्ता)। कभी तीन लालों सर्वश्री देवीलाल, बंसी लाल तथा भजन लाल के इर्द-गिर्द घूमने वाली हरियाणा की राजनीति में तेजी से उभरी युवा शक्ति चौथे लाल के आगमन के साथ ही हाशिये पर चली गई है। तीनों लाल इस नश्वर समाज को अलविदा कह चुके है, जबकि चौथे लाल प्रदेश के मौजूदा मुख्यमंत्री मनोहर लाल है। स्व. तीनों लालों ने राज्य की राजनीति में अपने अपने राजनीतिक वारिसों को उतारा, जिनकी चमक कुछ समय तो चमकी, मगर अब धुंधली होकर रह गई है। चौधरी देवीलाल के पौत्र अजय चौटाला पूर्व सांसद जेबीटी भर्ती घोटाले में दस वर्ष की कैद काट रहे है, तो उनके छोटे भाई अभय चौटाला हरियाणा विधानसभा में विपक्ष के नेता है। बंसीलाल की पुत्रवधू किरण चौधरी तथा पौत्री श्रुति चौधरी पूर्व सांसद राजनीति में सक्रिय है, जबकि बेटा सुरेंद्र सिंह का निधन हो चुका है। इसी प्रकार भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्रोई हजकां सुप्रीमों अपनी राजनीतिक दुकान बंद करके कांग्रेस शोरूम में चले गए है, जबकि छोटा बेटा चन्द्रमोहन चांद मोहम्मद प्रकरण के चलते अपनी राजनीतिक साख खो चुका है। प्रदेशवासियों को लालों के इन लालों से कई उम्मीदें थी, मगर इनके राजनीतिक हाशिये पर चले जाने से उम्मीदों को 'ग्रहणÓ लग गया है। प्रमुख उद्योगपति स्व. ओम प्रकाश जिंदल के पूर्व सांसद बेटे नवीन जिंदल भी राजनीति से लगभग आऊट हो गए है। स्व. दलबीर सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री की युवा बेटी सुश्री शैलजा कांग्रेस में सक्रिय तो है, मगर उन्हें भी किसी राजनीतिक हाशिये से कम नहीं आंका जा सकता। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने सांसद पुत्र दीपेंद्र हुड्डा को हरियाणवी राजनीति में स्थापित करने प्रयास किया, मगर उनके खुद के विवाद दीपेंद्र पर भारी पड़ते देखे जा रहे है। राज्य में भाजपाई शासन बनते ही युवा शक्ति के रूप में उभर रहे चेहरों पर 'ग्रहणÓ लग गया है और वह धीरे-धीरे राजनीतिक हाशिये की तरफ बढ़ रहे है। हरियाणवी राजनीति में इन युवा चेहरों का राजनीतिक भविष्य क्या रहेगा, यह तो भविष्य के गर्भ में है, मगर फिलहाल प्रदेश की युवा शक्ति राजनीतिक हाशिये पर पहुंच चुकी है।

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