सावधान! छोटी उम्र में डलवाए फेरे, तो पंडित पर गिरेगी गाज

सिरसा(प्रैसवार्ता)। छोटी उम्र में फेरे डलवाए, तो पंडित, मौलवी व ग्रंथी पर गाज गिरेगी। सरकार बाल विवाह निरोधक काननू को कडाई से लागू करने के लिए रीति-रिवाज को संपन्न करवाने वाले धार्मिक व्यक्ति पर कानूनी शिकंजा कसने जा रही है। सूत्रों के अनुसार बाल विवाह करवाने पर संबंधित धार्मिक व्यक्ति को एक वर्ष की कैद, 5 हजार रुपए जुर्माना अथवा दोनो से दंडित किया जाएगा। बाल विवाह अधिनियम के तहत ग्राम के सरपंच व शहर के नगर पार्षद की जिम्मेवारी भी सरकार निर्धारित कर चुकी है, जो आंगनवाड़ी वर्कर पर भी लागू होगी। सरकार ने अपने इस निर्णय से जिला प्रशासन को भी अवगत करवा दिया है। समाज कल्याण विभाग की ओर से पंडित, मौलवी व ग्रंथी को भी व्यक्तिगत रूप से बाल विवाह अधिनियम और सरकारी आदेश से अवगत करवाया जा रहा है। समाज कल्याण विभाग के अनुसार राज्य में 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की व 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के की यदि शादी होती है, तो एक वर्ष की कैद, पांच हजार रुपए का जुर्माना अथवा दोनो का प्रावधान है। बाल विवाह प्रमाणित होने पर वर-वधु के माता-पिता, रिश्तेदार व उन लोगों को भी सजा का पात्र माना जाएगा, जोकि धार्मिक अनुष्ठान में शामिल रहे होंगे।

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