जागों हरियाणा कार्यक्रम स्थगितः जागों कांग्रेस की हुई शुरुआत

सिरसा(प्रैसवार्ता)। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के 12 जून से सिरसा से शुरू होने वाले सरकार विरोधी कार्यक्रम को तो उनके अपने ही विरोधियों द्वारा स्थगित करवा दिया गया, तो भूपेंद्र हुड्डा ने राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को आईना दिखाकर “जागो हरियाणा“ कार्यक्रम की शुरूआत करनी थी, जिसके लिए बकायदा भूपेंद्र हुड्डा समर्थक कांग्रेसी दिग्गजों ने कांग्रेस कार्यकर्ता सम्मेलन के बैनर तले तैयारी भी शुरू कर दी थी, जिस पर मौजूदा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के दवाब के चलते कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने दवाब के चलते कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने ग्रहण लगा दिया था। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को राजनीतिक झटका देने के लिए राज्यसभा चुनाव में पार्टी के निर्देश को ठेंगा दिखाकर “जागो कांग्रेस“ कार्यक्रम की शुरूआत कर दी। राज्यसभा चुनाव में भूपेंद्र हुड्डा द्वारा इनैलो की पेशकश करके मदद की बात की थी, जिसे इनैलो नेता अभय चौटाला ने नकार दिया था। अभय चौटाला के तीखे तेवरों और की गई टिप्पणी से खफा भूपेंद्र हुड्डा के समर्थक विधायक सकते में आ गए। इसी बीच भूपेंद्र हुड्डा को राजनीतिक झटका देने के लिए अशोक तंवर ने इनैलो समर्थक प्रत्याशी के समर्थन के लिए कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को तैयार कर लिया। भूपेंद्र हुड्डा समर्थक विधायकों को रास नहीं आया और उन्होंने चुनावी अवसर पर अपने ही विरोधियों को जोर का झटका धीरे से दिया। हरियाणवी राजनीतिक इतिहास में पहली बार हुआ है कि अनुभवी तथा पुराने समय से विधायिकी कर रहे विधायकों का वोट रद्द हुआ है, जिसके पीछे एक राजनीतिक षडयंत्र की झलक दिखाई देती है। इसी के साथ प्रदेश कांग्रेस का आपसी कलह सड़कों पर आ गया है और क्यास लगाया जाने लगा है कि कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने यदि समय रहते भूपेंद्र हुड्डा की जागो कांग्रेस कार्यक्रम पर ध्यान न दिया, तो प्रदेश में कांग्रेस को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। चर्चा तो यह भी है कि कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर भूपेंद्र हुड्डा सीधे टकराव के मूड़ में आ गए है। राज्यसभा चुनाव में दिखाए गए आईनेे से भूपेंद्र हुड्डा ने इनैलो, अशोक तंवर, किरण चौधरी, रणदीप सिंह सुरजेवाला, सुश्री शैलजा इत्यादि अपने राजनीतिक विरोधियों को संकेत दिया है कि उनके सब्र का पैमाना टूट चुका है। भूपेंद्र हुड्डा पर सत्तारूढ़ भाजपा इनैलो के साथ साथ उनके अपने ही तीखे तीर चला रहे है और राजनीतिक हाशियंे के प्रयास तेजी से आगे बढ़ रहे है। भूपेंद्र हुड्डा के बदलते तेवरों से लगता है कि उनका कभी भी कांग्रेस से मोहभंग हो सकता है। इसलिए उन्होंने जागो कांग्रेस का बिगुल बजाया है। 

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