भूपेंद्र हुड्डा ने शुरू किया कांग्रेस उम्मीदवारों का ऐलान: शीर्ष नेतृत्व से टकराव के आसार

सिरसा/फतेहाबाद(प्रैसवार्ता)। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से सीधे टकराव के मूड में नजर आ रहे पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा राज्यसभा चुनाव में अपना राजनीतिक करिश्मा दिखाने उपरांत कांग्रेस प्रत्याशियों की घोषणा शुरू करके शीर्ष नेतृत्व को चुनौती देते हुए कांग्रेस टिकट के लिए उम्मीदवारों के नाम की घोषणा प्रक्रिया पर ग्रहण लगा दिया है। भूपेंद्र हुड्डा ने बड़ोपल में कहा है कि फतेहाबाद विधानसभा क्षेत्र से अगले कांग्रेस प्रत्याशी प्रहलाद सिंह गिलाखेड़ा ही होंगे, जबकि कांग्रेस में एक लंबी राजनीतिक प्रक्रिया उपरांत उम्मीदवार का नाम घोषित करने की प्रथा है। प्रदेश के क्षेत्रीय दल जरूर अक्सर ऐसी घोषणाएं करते है, जबकि कांग्रेस क्षेत्रीय पार्टी है। भूपेंद्र हुड्डा की इस घोषणा से  भूचाल आ गया है, क्योंकि भूपेंद्र हुड्डा किसी कांग्रेस प्रत्याशी की घोषणा के लिए अधिकृत नहीं है। इससे पूर्व भी राज्यसभा चुनाव दौरान हुड्डा ने इनैलो को पेशकश की थी, जिसे इनैलो ने मूलरूप से वापिस लौटा दिया था। हुड्डा के शीर्ष नेतृत्व को दिखाए जा रहे आईने से स्पष्ट हो गया है कि उनका कांग्रेस से मोहभंग हो रहा है और प्रदेश में कभी भी वह किसी नई कांग्रेस को लेकर सकते में है, जिसमें वह टिकट आवंटित करने में पूर्णतया सक्षम होंगे। काबिलेगौर है कि पिछले डेढ़ वर्ष से भूपेंद्र हुड्डा पर सत्तारूढ़ भाजपा, इनैलो, अशोक तंवर, सुश्री शैलजा, कैप्टन अजय यादव, कुलदीप बिश्नोई व किरण चौधरी ने फोक्स बनाया हुआ है। अपने तथा विरोधियों के फोक्स की बदौलत भूपेंद्र सिंह हुड्डा आर-पार की राजनीतिक लड़ाई की भूमिका में दिखाई देने लगे है। कांग्रेस आलाकमान के निर्देशों की परवाह न करते हुए भूपेंद्र हुड्डा ने अपने समर्थकों सहित कांग्रेस के मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर की पार्टी बैठकों से दूरी बनाई हुई है, जिसके चलते उन पर दवाब बना रहा है कि वह अपनी एक अलग पार्टी बनाकर कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को राजनीतिक झटका दें और उस पार्टी के सुप्रीमों बनकर अपने राजनीतिक विरोधियों के विरोध में डुगडुगी बजाए। हरियाणा के मौजूदा 15 कांग्रेसी विधायकों में से 14 इकलौते कांग्रेसी सांसद के अतिरिक्त कई पूर्व सांसद, विधायक व कांग्रेसी दिग्गज हुड्डा के समर्थक बताए जा रहे है। आपसी कलह से जूझ रही प्रदेश कांग्रेस रूपी पतंग की डोर भूपेंद्र हुड्डा खींच लेते है, तो हरियाणा में कांग्रेस की स्थिति एक कटी पतंग जैसी हो जाएगी।

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