बड़ा सुंदर है जीवन यात्रा का अंतिम पड़ाव - The Pressvarta Trust

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Thursday, July 21, 2016

बड़ा सुंदर है जीवन यात्रा का अंतिम पड़ाव

सिरसा(प्रैसवार्ता)। जीवन रूपी यात्रा का अंतिम पड़ाव श्मशान भूमि होती है। वह शमशान भूमि जहां जाने से लोग डरते हैं। वहां जाना शुभ नहीं मानते। यदि किसी के संस्कार में जाना पड़ जाए तो कुछ लोग घर आकर स्नान तक करते हैं। लेकिन ऐसे लोग यदि एक बार शिव धाम सेवा ट्रस्ट सेक्टर 19 सिरसा (पुरानी खैरपुर शिवपुरी) का दौरा कर ले तो उनकी यह सोच बदल सकती है। कारण यह है कि पुरानी खैरपुर शिवपुरी का न सिर्फ नाम बदल गया है बल्कि उसका पूरा स्वरूप भी बदल दिया गया है। इसका नाम अब शिव धाम सेवा ट्रस्ट सेक्टर 19 सिरसा रख दिया है। शिव धाम का ऐसा निखार किया गया है जिसके बाद यह एक मनोरम स्थल बन गया है। इसके अंदर जाने से आपको किसी पर्यटन स्थल जैसा आभास होगा। दीवारों पर सुंदर-सुंदर पेंटिंग की गई है। पौधे लगे हुए हैं तथा छोटे-छोटे पार्क भी बनाए गए हैं जिसमें हरी-हरी घास आपको सुकून दे सकती है।

एक व्यक्ति  के प्रयास से बनता गया कारवां
शिवपुरी को नया रूप देने के लिए समाजसेवी अमीर चावला ने सबसे पहले विचार किया था। जब वे किसी अपनों व परिचितों के संस्कार में शिवपुरी में जाते थे तो शिवपुरी की दुर्दशा देकर उनके मन में भी आया कि क्यों न शिवपुरी की कायाकल्प की जाए। अमीर चावला कहते हैं कि शिवपुरी के अंदर जहां बच्चों को दफन करते हं, वहां की चार दीवारी टूटी हुई थीं। कई बार बच्चों के शवों तक जानवर पहुंच जाते थे। इसकी हालत सुधारने के लिए उन्होंने एक ट्रस्ट बनाया जिसमें बड़ी संख्या में शहर के लोग जुड़ते गए। ट्रस्ट सदस्यों ने सर्वप्रथम खुद चंदा एकत्र किया। उसके बाद शहर के लोगों से चंदा देने की अपील की गई। खुशी की बात है कि शहर के सभी वर्ग के लोगों ने दिल खोलकर चंदा दिया। चंदा एकत्र हो जाने के बाद शिवधाम का नवनिर्माण 15 मार्च 2013 को शुरू किया गया था। चावला का कहना है कि शिवधाम के नवनिर्माण पर अब तक करीब एक करोड़ 42 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। 90 प्रतिशत से अधिक काम पूरा हो चुका है। जो काम बचा हुआ है, उसे भी पूरा करवाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ लोग ऐसे भी थे जिन्होंने सीमेंट, रेता, बजरी का सहयोग दिया है जो एक करोड़ 42 लाख रुपये की राशि से अलग है। पहले की तुलना में शिव धाम को पांच गुणा बड़ा बनाया गया है। शिव धाम का एक भव्य मुख्य द्वार बनाया गया है जिस पर लाखों रुपये खर्च किए गए हैं।
दीवारों पर करवाई है सुंदर पेंटिंग
शिवधाम में आने वाले लोगों के लिए दीवारों पर सुंदर-सुंदर पेंटिंग करवाई गई है। एक पेंटिंग में भगवान विष्णु गजराज को बचाते हुए दिखाई दे रहे हैं तो एक में श्रवण कुमार अपने माता-पिता को तीर्थ पर लेकर जा रहे हैं। इसी प्रकार अन्य कई पेंटिंग भी मनमोहक लगती हैं। शिवधाम में ही भगवान भोले की एक भव्य मूर्ति बनाई गई है जिसकी ऊंचाई धरातल से 41 फीट है। यह मूर्ति दूर से ही दिखाई देती है। मूर्ति के पास कैलाश पर्वत की प्रतिकृति भी बनाई गई है। शिवधाम के अंदर सुंदर-सुंदर पेड़-पौधे भी लगाए गए हैं जिससे पूरा परिसर हरा-भरा नजर आता है।
दाह संस्कार के लिए आठ स्थान
शिव धाम में एक बड़ा शहगृह बनाया गया है जहां एक साथ आठ शवों का संस्कार हो सकता है। इसे पूरी तरह से आधुनिक शेड द्वारा कवर्ड किया गया है ताकि बारिश आदि में कोई परेशानी न हो। शेड इस तरह से डिजाइन किया गया है कि धुआं आसानी से निकल जाता है और शव के पास खड़े रहने वालों को कोई परेशानी नहीं होती। बच्चों के लिए अलग से बाल फुलवाड़ी बनवाई गई है। उसे ऊंची से सुरक्षा प्रदान की गई है ताकि कोई जानवर अंदर न घुस सके। बाल फुलवाड़ी का मुख्य द्वार भी आकर्षक है तथा अंदर पौधे लगाए गए हैं।
महिला-पुरुषों के लिए बैठने के अलग-अलग स्थान
संस्कार के समय शिवधाम में आने वाले महिला-पुरुषों के बैठने के लिए भी अलग-अलग स्थान बनाए गए हैं। पुरुषों के लिए एक बड़ा हॉल बनाया गया है। हॉल में दर्जनों पंखें लगे हुए हैं। इसी प्रकार महिलाओं के लिए भी छतरीनुमा एक खुला हॉल बनाया है। दोनों ही हॉल में अलग-अलग शौचालयों की व्यवस्था की गई है। पानी की समुचित व्यवस्था के लिए सबमर्सिबल लगा हुआ है, इसलिए पानी की कोई कमी नहीं है। यहां आने वाले लोगों की सुविधा के लिए दो वाटर कूलर भी लगाए गए हैं। आधा दर्जन से ज्यादा नल (टोंटी) भी लगे हुए हैं ताकि लोग हाथ-मुंह धो सके। लकड़ी रखने के लिए अलग से बड़ा हॉल बनाया गया है ताकि बारिश आदि में लकडिय़ां गीली न हो पाए।
स्टाफ के लिए रूम सुविधा
शिवधाम की रखवाली व देखरेख के लिए चार कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। इनके लिए रूम भी बनाए गए हैं। शिवधाम में मैनेजर का कार्यालय, चौकीदार का रूम बना हुआ है। इस समय शिव धाम में एक मैनेजर जयदयाल, चौकीदार जिले सिंह, माली बंसीलाल तथा चालक भगवान दास कार्यरत है। अस्थियां रखने के लिए भी अलग से रूम मनाया गया है।
शव वाहन की सुविधा
शवों  को शिव धाम तक लाने के लिए शिव धाम की ओर से शव वाहन की भी व्यवस्था की गई है। यह वाहन अभी खरीदा गया है। वाहन के लिए चालक हर समय तैनात रहता है। जब किसी के परिजन की मौत होती है और घर शिव धाम से दूर होता है तो ऐसे लोग शव को शिव धाम तक लाने के लिए शव वाहन मंगवा सकते हैं। इसके लिए शव वाहन पर मोबाइल नंबर भी अंकित है। शव लाने के लिए वाहन का चार्ज भी वाजिब रखा गया है।
रस्मपगड़ी हॉल बनाने की योजना
शिवधाम सेवा ट्रस्ट के संरक्षक अमीर चावला का कहना है कि भविष्य में शिव धाम के साथ ही एक आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित रस्म पगड़ी हॉल बनाने की योजना है, लेकिन इसके लिए जगह की कमी महसूस हो रही है। यदि शिव धाम के साथ ही सरकार जगह मुहैया करवा दे तो ट्रस्ट रस्म पगड़ी हॉल का निर्माण करवा सकता है। कई शहरों में इस तरह के हॉल बने हुए हैं जहां रस्म पगड़ी के कार्यक्रम होते हैं। उनमें सभी जरूरी सुविधाएं होती हैं।
ये हैं ट्रस्ट के सदस्य
शिव धाम सेवा ट्रस्ट सेक्टर 19 के संरक्षक समाजसेवी अमीर चावला है। रिछपाल सोढ़ी प्रधान, घनश्याम मित्तल उप प्रधान, देवेंद्र मिगलानी सचिव, वेदभूषण गर्ग कोषाध्यक्ष है। इनके अलावा बलदेव सिंह नंबरदार, इकबाल सिंह, कृष्ण गुंबर, विजय कुमार, बलबीर सिंह, सुरेंद्र सिंह सोढ़ी, संजीव जैन एडवोकेट, मेघनाथ शर्मा, गौरव जिंदल व बलविंद्र सिंह औलख ट्रस्टी हैं।

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