सिरसा में करंसी दलाल के बाद एक प्रोपर्टी डीलर चर्चा में

सिरसा(प्रैसवार्ता)। आर्थिक मंदे की चपेट में झुलस रहे सिरसा व्यापार को आर्थिक रगड़ा लगाकर रफू  चक्कर होने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। एक करंसी दलाल द्वारा कई व्यापारियों को आथर््िाक झटका देने उपरांत चर्चा है कि एक प्रोपर्टी डीलर भी ''जोर का झटका धीरे से" देने की तैयारी में है, जो किसी भी समय सपरिवार सिरसा से फुर्र हो सकता है। समय रहते हुए यदि लेनदार सतर्क न हुए, तो उनको भी बड़ा आर्थिक झटका लग सकता है। 'प्रैसवार्ता' को विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार करीब एक दशक पूर्व मामूली सा काम धंधा करने वाला ये प्रोपर्टी डीलर अचानक करोड़ों रुपयों में खेलने लगा और स्वयं पर राजसी दिग्गज  और समाजसेवी का लिबादा ओढ़कर अनेक धन्ना रईसों को सब्जबाग दिखाकर करोड़ों रुपये जुटा लिए, जिनका लेनदारों के पास कोई हिसाब किताब नहीं है। इसका फायदा उक्त प्रोपर्टी डीलर उठा रहा है। कभी छोटी-मोटी नौकरी की तलाश में फिरने वाला इस प्रोपर्टी डीलर के पास करीब एक दर्जन  महंगे वाहन व कर्मचारी है। चर्चा है कि प्रोपर्टी व्यवसाय में आई भारी मंदी से इस प्रोपर्टी डीलर की हवा सरक गई है और लेनदारों को धमकाना इस प्रोपर्टी डीलर द्वारा शुरू कर दिया गया है। शहर सिरसा में कुछ समय से लोगों को आर्थिक रगड़ा लगाने वालों का आंकड़ा तेजी से बढ़ता दिखाई देने लगा है और संभावना यह भी है कि उक्त चर्चित प्रोपर्टी डीलर भी लोगों को रगड़ा लगाकर इस आंकड़े में वृद्धि कर सकता है। करंसी दलाल द्वारा करीब 15 करोड़ रुपये लेकर फुर्र होने से कई धन्ना सेठ सकते में बताए जाते है, क्योंकि धन राशि काला धन बताया जा रहा है, जिसका कोई हिसाब किताब नहीं है। इसी तर्ज पर चलते हुए उक्त प्रोपर्टी डीलर द्वारा भूमि की खरीद-फरोख्त के मामले में कई लोगों से करोड़ों रुपये लिए हुए है, जिन्हें वापिस मांगने वालों पर झूठे मुकद्दमे दर्ज करवाने की धमकी दी जा रही है। इस प्रोपर्टी डीलर द्वारा कई शहरों में अपने व्यवसाय स्थापित किए जाने की खबरें भी मिल रही है। 
क्यास लगाया जा रहा है किसी वक्त भी उक्त प्रोपर्टी डीलर के फुर्र होने का समाचार अखबारी सुर्खियां बन सकता है।
ऐसी भी है चर्चा:-
ऐसी भी चर्चा है कि सिरसा का यह प्रोपर्टी डीलर पिछले कुछ समय से लेनदारों के साथ अभद्र व्यवहार भी करने से परहेज नहीं कर रहा। केवल इतना ही नहीं, लेनदारों को यह भी भय दिखाया जा रहा है कि वह उक्त राशि को लेकर आयकर विभाग में भी शिकायत दर्ज करवा सकता है। लेनदारों के पास सिवाय विश्वास के लिखित में कुछ भी नहीं है। जिस कारण लेनदार खुद को ठगा हुआ महसूस करते हुए राजनेताओं तथा गणमान्य व्यक्तियों के माध्यम से अपनी राशि वापिस लेने के लिए जुगाड़ कर रहे है।

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