कमल के फूल को बढ़त, मगर स्पष्ट बहुमत नहीं

अमन चौपड़ा की मेहनत लाई रंग, हलोपा का प्रभावी प्र्रदर्शन, इनैलो का सूपड़ा साफ, कांग्रेस का फीका रहा प्रदर्शन

सिरसा(प्रैसवार्ता)। नगर परिषद सिरसा के रविवार को हुए चुनाव परिणाम में जागरूक मतदाताओं ने भाजपा पर विश्वास जिताते हुए कमल के फूूल को बढ़त दी, मगर स्पष्ट बहुमत नहीं। मतदाताओं ने रेेल के इंजन को हरी झंडी दिखाई, जबकि इनैलो को अर्श से फर्श पर ला दिया। कांग्रेस का प्रदर्शन भी फीका रहा। 31 वार्डों वाली नगर परिषद सिरसा में भाजपा के 15, हलोपा के 6, कांग्रेस के 4, इनैलो के 2 तथा चार निर्र्दलीय पार्षद बने हैै। भाजपा की परिषद बनानेे के लिए भाजपा को 17 पार्षदों की जरूरत है। इस जरूरत की पूर्ति के लिए भाजपा को दो आजाद पार्षदों की मदद लेनी पड़ेगी। शहर के मतदाताओं ने वार्ड को अपन जेब में रखने वाले कई राजसी धुरंधरों को क्लीन बोल्ड कर दिया है। इनैलो के गढ़ कहे जाने वाले सिरसा में पिछली परिषद में 19 पार्षद थेे, लेकिन अब यह आंकड़ा दो तक ही सिमट कर रह गया है। नगर परिषद के इस चुनाव में भाजपा के स्टार प्रचारक अमन चौपड़ा, भाजपा नेता मनीष सिंगला, इनैलो के कृष्ण गुंबर, हलोपा के गोपाल कांडा, कांग्रेस के नवीन केडिया ने मतदाताओं से रूबरू होकर अपने अपने समर्थकों के लिए वोटों की अपील की थी, वही कांडा बंधु अपनी राजनीतिक रणनीति को अमली जामा पहनाने में जुटे रहे। इनैलो के स्टार प्रचारक एवं शहरी प्रधान कृष्ण गुंबर ने शहर सेे दूरी बनाए रखी, जबकि कांग्रेसी नेता नवीन केडिया अपनी टीम के साथ कांग्रेस समर्थित उम्मीदवारों के लिए वोटों की अपील करते हुए देखे गए। परिषद चुनाव ने इनैलो की छत्तरी को स्वीकार नहीं किया और रेल के इंजन पर कुछ विश्वास जरूर किया तथा कांग्रेस के हाथ का सम्मान करते हुए चार पार्षदों को चुनकर नगर परिषद में भेजने का काम किया। चुनावी परिणामों में कुछ ऐसेे चेहरे भी है, जो अपने चहेतों की हार की बजाए, जिन्हें वह हराना चाहते थे, की हार से स्वयं को तसल्ली दिए हुए है। कई दिग्गजों की हार से कई दिग्गजों के चेहरों पर मुस्कान भी देखी गई।

स्टार प्रचारक अमन चौपड़ा की मेहनत लाई रंग
नगर परिषद के इस चुनाव को लेकर युवा भाजपा के ट्रम्प कार्ड एवं स्टार प्रचारक अमन चौपड़ा ने पूरी ताकत झोंक दी थी। अमन चौपड़ा ने न दिन देखा, न ही रात। भाजपा समर्थित प्र्रत्याशियों को जिताने के लिए दिन ही नहीं, बल्कि रात को भी मतदाताओं से संपर्क साधा और जनसभाएं तक की। अमन ने ग्राउंड पर रहकर काम किया।अमन चौपड़ा की यहीं मेहनत अब रंग लाई है औेर 15 प्रत्याशियों को पार्षद की जिम्मेवारी मिली। इससे अमन का राजनीतिक कद  और भाजपा का कुनबा बढ़ा है।

हलोपा की परिषद में  दस्तक, 6 चेहरे बने पार्षद
नगर परिषद चुनाव में हलोपा सुप्रीमों गोपाल कांडा द्वारा किए गए प्रयासों की बदौलत 6 वार्डों में जीत हासिल कर परिषद में दस्तक दी है। गोपाल कांडा की इस सक्रियता को भविष्य में होने वाले नगर परिषद चुनाव से जोड़कर देखा जा रहा है। कांडा दो बार सिरसा विधानसभा का चुनाव लड़ चुके है और क्षेत्र में विशेष पहचान रखते है। गोपाल कांडा द्वारा 31 वार्डों में उतारे गए प्रत्याशियों ने ज्यादातर अच्छा प्र्रदर्शन किया, जो भविष्य में गोपाल कांडा के राजनीतिक भविष्य में लाभदायक साबित हो सकता हैै। गोपाल कांडा ने चुनाव को प्र्रतिष्ठा का प्रश्र बने छह वार्डों में विजयी प्राप्त कर इनैलो तथा कांग्रेस को करारा झटका दिया है।

स्टार प्रचारक के स्टार गर्दिश में
नगर परिषद चुनाव के नतीजों से इनैलो के स्टार प्रचारक एवं शहरी प्रधान कृष्ण गुंबर सकते में है। 31 वार्डों में केवल इनैलो के दो प्रत्याशी जीतने में सफल रहे है, जबकि इससे पूर्व 19 इनैलो के पार्षद विजयी हुए थे। इनैलो के पूर्व पार्षद गुंबर ने स्वयं तो चुनाव नहीं लड़ा, मगर स्टार प्रचारक बनकर खूब प्रचार किया था। शहरी प्रधान  भले ही शहर से दूर रहे हो, मगर एक विशेष वर्ग में पहचान रखते है। कृष्ण गुंबर विधानसभा का चुनाव भी लडऩा चाहते थे, जिसके लिए तैयारी भी शुरू की थी, मगर इनैलो हाईकमान ने मक्खन सिंगला पर दाव खेला और सफल हुए। एक दशक पूर्व एक थ्री-व्हीलर चलाने वाले कृष्ण गुंबर की वर्तमान में गणना  गिने चुने रईसों में होती है। गुंबर की राजनीतिक सक्रियता से संकेत मिलता है कि वह विधानसभाई चुुनाव लडऩे की तैयारी में है। भाजपा नेता जगदीश चौपड़ा का पंजाबी वर्ग पर बढ़ रहे प्र्रभाव को रोकने के लिए इनैलो ने गुंबर पर दांव खेला, ताकि चौपड़ा के पंजाबी प्रेम में सेंधमारी की जा सके। इनैलो के इस स्टार प्रचारक को लेकर इनैलो आलाकमान की उम्मीदों पर ग्रहण लगता दिखाई देने लगा है और इसी के साथ स्टार प्रचारक के स्टार गर्दिश में आ गए है।

नगर परिषद चुनाव छोड़ गए कई सवालिया निशान
नगर परिषद के चुनाव को लेकर कई राजसी दिग्गजों की तस्वीर मतदाताओं के सामने आई, तो मतदाताओं ने अपने वोट का इस्तेमाल करते हुए ऐसे राजसी दिग्गजों को आईना दिखा दिया। कांग्रेस नेेता नवीन केडिया की सहयोगी टीम का सहयोग नहीं मिला, तो कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के निवास स्थान पर किचन मैंबर बने एक चेहरे में नवीन केडिया के निजी वार्ड में गोभी खोदने में खुलेआम अहम् भूमिका निभाई।  तंवर की इस चुनाव को लेकर खेले गए राजनीतिक कार्ड से कांग्रेस को लोकसभा, विधानसभा चुनाव के बाद परिषद चुनाव में दयनीय स्थिति का सामना करना पड़ा। इनैलो विधायक मक्खन सिंगला व इनैलो के स्टार प्रचारक कृष्ण गुंबर से खफा मतदाताओं का गुस्सा इनैलो प्रत्याशियों पर भारी पड़ा। हलोपा सुप्रीमों गोपाल कांडा की सक्रियता एवं चुनावी कमान संभालने पर आधा दर्जन पार्षद विजयी हुए, जबकि भाजपा के युवा चेहरेे अमन चौपड़ा ने भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन के लिए कड़ी मेहनत की और 15 पार्षदों को विजयी बनाने में सफल रहे। नगर परिषद के इस चुनाव ने कई राजसी दिग्गजों के चेहरों से नकाब उतार दिया है, वहीं अमन चौपड़ा जैसे युवा भाजपा चेहरे को भाजपाई स्टार प्र्रचारक के रूप में स्वीकार कर लिया है।

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