नगर परिषद चुनाव: अमन चौपड़ा युवा भाजपाई स्टार प्रचारक, गोपाल कांडा बने सिरसा के केजरीवाल, नवीन केडिया ही असली कांग्रेस, कृष्ण गुंबर ने डुबोई इनैलो की लुटिया - The Pressvarta Trust

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Tuesday, September 27, 2016

नगर परिषद चुनाव: अमन चौपड़ा युवा भाजपाई स्टार प्रचारक, गोपाल कांडा बने सिरसा के केजरीवाल, नवीन केडिया ही असली कांग्रेस, कृष्ण गुंबर ने डुबोई इनैलो की लुटिया

सिरसा(प्रैसवार्ता)। नगर परिषद सिरसा के रविवार को हुए चुनाव की कमान भाजपा के अमन चौपड़ा, हलोपा के गोपाल कांडा, कांग्रेस के नवीन केडिया तथा इनैलो के कृष्ण गुंबर के हाथ में रही थी। नगर परिषद के चुनावों ने अमन चौपड़ा को भाजपा का स्टार प्रचारक, गोपाल कांडा को सिरसा का केजरीवाल, नवीन केडिया को असली कांग्रेस दर्शाया है, वहीं कृष्ण गुंबर को इनैलो की लुटिया डुबोने वाला जाहिर किया। भाजपा ने 15 वार्डों में विजयी परचम लहराया, तो 8 वार्डों में कड़ी चुनावी टक्कर दी और आठ वार्डो में ही तीसरे स्थान पर रही। वार्ड नंबर 7, 15, 19 में भाजपा को मतदाताओं ने सही प्रत्याशी का चयन के न चलते गहरी राजनीतिक चोट दी। नगर परिषद के इस चुनाव में भाजपाई बढ़त का श्रेय स्टार प्रचारक अमन चौपड़ा को दिया जा सकता है, जिन्होंने अपने पिता जगदीश चौपड़ा के कुशल मार्गदर्शन में कड़ा परिश्रम किया। प्रमुख विपक्षी दल के तौर पर उभरी हलोपा के सुप्रीमों गोपाल कांडा ने दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की तर्ज पर चलते हुए चुनावी बैटिंग करके अपने 6 समर्थक पार्षद बनाने में कामयाबी हासिल की, जबकि सात वार्डों में दूसरे नंबर पर व सात वार्डों में तीसरे नंबर पर हलोपा प्रत्याशी रहे। हलोपा सुप्रीमों गोपाल कांडा ने चुनावी समय कम दिया, जिस कारण वह आधा दर्जन से ज्यादा अपने समर्थक प्रत्याशियों को विजयी परचम फहराने में मददगार साबित हो सकते थे। कांग्रेस भले ही एकजुटता की डुगडुगी बजाती रही हो, लेकिन कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों के लिए नवीन केडिया ने कड़ी मेहनत की, जबकि कांग्रेस की चुनावी टीम के अन्य चार सदस्य केडिया के समर्थकों की गोभी खोदते देखे गए। अगर कांग्रेस की टीम इमानदारी से एकजुट होकर मतदाताओं से रूबरू होती, तो कांग्रेस की जीत का आंकड़ा अच्छा होता। इनैलो ने अपने शहरी प्रधान कृष्ण गुंबर को अपना स्टार प्रचारक बनाया, मगर शहरी मतदाताओं से दूरी बनाए रखने वाले इस धन्ना रईस ने जिस वार्ड में भी डुगडुगी बजाई, इनैलो प्रत्याशी मुकाबले से बाहर होकर तीसरे चौथे नंबर पर लुढ़क गया। कभी इनैलो 19 पार्षदों की टीम पर चौधर करती थी, जो अब मात्र दो पर ही सिमट कर रह गई है। इनैलो समर्थित सुनील पुत्र आत्मा राम सरपंच को इनैलो की बदौलत नहीं, अपनी रसूख की बदौलत जीत हासिल हुई हैं, जबकि वार्ड नंबर 6 से विजयी ममता सैनी ने भी इनैलो की छत्तरी नहीं ली थी, अन्यथा वह भी परिषद न पहुँच पाती। इसी प्रकार वार्ड नंबर 19 की नीतू सोनी व वार्ड नंबर 22 की बलजीत कौर ने कांग्रेस समर्थित प्रत्याशियों को आंवटित चुनावी चिन्ह कार से परहेज करके जीत दर्ज की, अन्यथा कार भी उनकी मेहनत बेकार कर देती। कुछ वार्डों में कांग्रेस व हलोपा की फिक्सिंग भी चर्चा में रही है। परिषद चुनाव परिणाम से इनैलो के गढ़ कहे जाने वाले सिरसा से इनैलो सकते में आ गई है। इनैलो का सांसद, पांच विधानसभा क्षेत्रों में विधायक के बावजूद जिला की सात खंड समितियों, दो परिषद व दो पालिका पर कांग्रेस व भाजपा ने जीत हासिल की है, जबकि कालांवाली पालिका में भाजपा की बैसाखी से इनैलो ने कब्जा किया है। परिषद परिणाम संकेत दे गए है कि भविष्य में होने वाले विधानसभा चुनाव मे भाजपा की हलोपा से चुनावी टक्कर रहेगी, जबकि कांग्रेस आपसी कलह की पुन: शिकार होगी। इनैलो के राजनीतिक भविष्य पर सिरसा विधानसभा क्षेत्र में ग्रहण लगता देखा जाने लगा है।

कौन बनेगी नगर परिषद सिरसा के चेयरपर्सन
         नगर परिषद सिरसा के चुनाव में भाजपा ने बढ़त तो हासिल की है, मगर परिषद की चौधर किस महिला परिषद के हाथ में रहेगी, को लेकर भाजपाई दिग्गजों में मंथन चल रहा है। परिषद सिरसा का प्रधान पद महिला पार्षद के लिए सुरक्षित है। परिषद की चेयरपर्सन बनने वालों में सुमन शर्मा, शीला सहगल, सुमनलता, वैशाली रातुसरिया का नाम चर्चा में है। दिलचस्प तथ्य यह है कि सुमन शर्मा को भाजपा की अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. गणेशी लाल, शीला सहगल को भाजपा की पराजित प्रत्याशी सुनीता सेतिया, सुमनलता को मुख्यमंत्री हरियाणा के राजनीतिक सलाहकार जगदीश चौपड़ा का आशीर्वाद बताया जा रहा हंै, जबकि वैशाली रातुसरिया की राष्ट्रीय स्वयं सेवक द्वारा वकालत की जा रही है। परिषद की चेयरपर्सन कौन बनेगी, को लेकर स्टोरियों ने दाव खेलना शुरू कर दिया है।

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