शेर दहाड़ते है, तो कांपते हुए गिदड गिरते है: संत डॉ. गुरमीत राम रहीम इन्सां

सिरसा(प्रैसवार्ता)। भई यह तो दुनिया जानती है कि संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इंसान कुछ भी कर सकते हैं। सभी अच्छे कामों के लिए 'वर्ल्ड फेमस' संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां हमें किसी न किसी तरह से अपनी मौजूदगी का एहसास करा ही देते है। दो फिल्मों को सुपर डुपर हिट का मुकाम दिलाने के बाद संत डॉ. गुरमीत की तीसरी फिल्म एमएसजी द वारियर्स लॉयन हार्ट अब थियेटर में आने को तैयार है। चूंकि संत डॉ. गुरमीत की इस फिल्म का बेसब्री से इंतजार हो रहा था, इसलिए उन्होंने अपने चाहने वालों के लिए फिल्म का ट्रेलर रिलीज किया। यूट्यूब पर कुछ ही समय में इस ट्रेलर को लाखो लोगों द्वारा देखा जा चुका है, यानि यह फिल्म भी सुपर डुपर हिट है। हम प्रैसवार्ता के पाठकों को फिल्म की कुछ मुख्य बातें बताने जा रहे है, जिससे फिल्म को देखने की ललक और भी बढेगी। इस फिल्म में संत डॉ. गुरमीत का धमाकेदार डायलोग 'तूफान किसी वक्त को मोहताज नहीं होता, उनका जब मन किया आए और तबाही मचाकर चले गए' बेहद पसंद किया जा रहा है। वहीं संत डॉ. गुरमीत का डायलॉग 'शेर दहाड़ते है, तो कांपते हुए गिदड गिरते है, हम तो वो है जो शेरों के मुँह में हाथ डालकर उनके दाँत गिनते है' लोगों की जुबां पर आ गया है। फिल्म में संत डॉ. गुरमीत तीन किरदारों में नजर आएंगे और फिल्म रिलीज की घोषणा जल्द ही होगी।

यह है फिल्म की कहानी
  फिल्म ऐसे योद्धा की कहानी है जो बहनों की और धरती मां की इज्जत बचाने के लिए एलीयन्स से लड़ता है। फिल्म करीब 300 साल पुराने राजपूत योद्धा की कहानी है। फिल्म में कुछ वास्तविकता के अलावा काल्पनिकता का भी पुट है। फिल्म में संत डॉ. गुरमीत पहली बार गुरु के रूप में नहीं बल्कि किरदार के रूप में नजर आएंगे। तीन किरदारों में एक में वे राजपूत योद्धा, दूसरा उनका पूर्वज और तीसरा इंडिया के टॉप सीके्रट एजेंट के रूप में नजर आएंगे। 

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