एक लाख रुपये को बदलने की ऐवज में सिरसा में करंसी दलाल ले रहे है 20 हजार रुपये!

सिरसा(प्रैसवार्ता)। मोदी सरकार द्वारा कालेधन व भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की दिशा में उठाए गए कदम ने वित्त क्षेत्र में भूचाल पैदा कर दिया है। दो नंबर की बेहिसाब नगदी रखने वालों की नींद ही उड़ गई। उन्हें दो नंबर के पैसे को एक नंबर में करने की चिंता सताने लगी है। सिरसा में वैसे भी दो नंबर के दौलतमंदों की कमी नहीं है। दो नंबर की दौलत में मुंबई के बाद सिरसा का नाम लिया जाता है। आढ़तियों, फैक्ट्री संचालकों को नहीं, बल्कि चिकित्सकों, बडे प्रतिष्ठान संचालकों के अलावा जुआ-सट्टा जैसे कालेधन करने वालों के पास अकूत संपत्ति है। ऐसे में सरकारी फरमान से तहखानों में रखी उनकी नगदी रद्दी में तबदील होने की संभावना बन गई है। सरकार के कड़े कदम के बीच करंसी दलाल भी सक्रिय हो गए है। प्रैसवार्ता के विश्वसनीय सूत्रों की मानें, तो करंसी दलालों द्वारा पैसा ब्याज पर मुहैया करवाया जाता है। दो नंबर के पैसे को एक से लेकर दूसरे तक पहुँचाने और ब्याज की वसूली करने की एवज में उन्हें निर्धारित कमीशन प्राप्त होता है। लेकिन मोदी सरकार की ओर से मंगलवार को की गई सर्जिकल स्ट्राईक के बाद करंसी दलाल फिर से सक्रिय हो गए है। इन दलालों द्वारा ब्लैक मनी को वाईट मनी बनाने की दलाली की जा रही है। बंद किए गए 500 व 1000 रुपये के नोट की ऐवज में 20 प्रतिशत की दलाली के रेट खोले गए है। यानि एक लाख रुपये पर 80 हजार रुपये की अदायगी की जा रही है। इन दलालों द्वारा बंद किए गए 500 व 1000 रुपये के नोटों को एक नंबर में कन्वर्ट करने का जोखिम लिया जा रहा है।
कड़े कदम से बढ़ेगी सरकार की आय
बड़े करंसी नोटों को बंद करने से सरकार की आय में निश्चित रुप से बढ़ौतरी होना तय है। ब्लैकमनी को व्हाइट कराने के लिए लोग कागजों में अपनी आय बढ़ाएंगे। यानि बिना वस्तु के बिके ही उसे बेचा हुआ दर्शाकर सेल बढ़ाएंगे। सरकार को इसकी सूचना देंगे और टैक्स भी भरेंगे। रोकड़ बाकि अधिक दर्शाकर बंद हुए 500 व 1000 रुपये के नोट बैंक में जमा करवा सकेंगे। इस प्रयास से व्यापारियों की ब्लैकमनी वाईट हो जाएगी, मगर सरकार को इससे टैक्स अवश्य मिलेगा।
फैसले से बुकीज में मची खलबली
सरकार की ओर से 500 व 1000 रुपये के नोट बंद करने के फरमान से बुकीज सकते में है। सट्टा कारोबारी तथा दो नंबर का धंधा करने वालों को जोरदार झटका लगा है। अलग समय में करोड़ों का साम्राज्य खड़ा करने वालों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि ऐसा भी हो सकता है। देश के नामी बुकीज में सिरसा के लोग भी शामिल है, जिन्होंने इस धंधे से अकूत संपत्ति जुटाई है। कई कई खोखे (करोड़ो) नगद रखने वाले ऐसे लोगों को पैसा सफेद (एक नंबर का) करने की चिंता सताने लगी है।

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