नववर्ष पर देखने को मिलेगी हरियाणवी राजनीति की नई तस्वीर

नए चेहरों के हाथ होगी राजनीतिक कमान
सिरसा(प्रैसवार्ता)। नववर्ष यानि 2017 में हरियाणवी राजनीति की बदली हुई तस्वीर देखने को मिल सकती है, ऐसी संभावनाएं नजर आने लगी है। मौजूदा सत्तारूढ़ भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल खट्टर, हरियाणा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर और इनैलो प्रदेशाध्यक्ष अशोक अरोड़ा की कुर्सी में किसी नए चेहरे को जगह मिल सकती है। सत्तारूढ़ भाजपा के सात में चार सांसद, 47 विधायकों में से दो दर्जन से ज्यादा भाजपाई विधायक सरकार से संतुष्ट नहीं देखे जा रहे, क्योंकि सरकार ने उनकी उम्मीदों पर ग्रहण लगाया हुआ है। भाजपाई सांसदों व विधायकों की इस नाराजगी को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरूग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अच्छा लीडर का प्रमाण पत्र लेकर  नाराज भाजपाईयों पर दवाब बना दिया है, ताकि वह कोई ऐसा प्रयास न करें कि मनोहर सरकार पर असर पड़े। नाराज भाजपाई सांसद व विधायक भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह से संपर्क बनाने के प्रयास में है, क्योंकि अमित शाह मनोहर लाल के प्रति अच्छा नजरिया नहीं रखते। अग्रोहा(हरियाणा) में अमित शाह के कार्यक्रम से मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की दूरी से संकेत मिलता है कि मनोहर लाल के अमित शाह से मधुर संबंध नहीं है। हरियाणा के भाजपाई सांसदों व विधायकों का एक बड़ा वर्ग सुभाष बराला की प्रदेशाध्यक्ष की कुर्सी को भी खींचने की योजना को अमलीजामा पहनाने की तैयारी कर रहा है, क्योंकि बराला भाजपाई दिग्गजों की सहीं तस्वीर शीर्ष नेतृत्व के समक्ष रख पाने में न सिर्फ पूर्णतया विफल रहे है, बल्कि सरकार और भाजपाई दिग्गजों को एकजुट करने की बजाए उनमें दूरी बढ़ा रहे है। इसी प्रकार कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर व पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सियासी जंग पर संज्ञान लेते हुए कांग्रेस हाईकमान प्रदेश में कांग्रेसी नेतृत्व में तबदीली पर गहराई से विचार कर रहा है। गैर जाट तथा दलित मतदाता अशोक तंवर की छुट्टी से खफा न हो, इसके लिए कांग्रेस हाईकमान सुश्री शैलजा पर दांव खेल सकता है। सुश्री शैलजा कांग्रेस अध्यक्षा सोनियां गांधी की विश्वास पात्र, अनुभवी राजनीतिज्ञ के साथ-साथ राज्यसभा सांसद भी है। हरियाणवी राजनीति में हिचकोले खा रही इनैलो भी मौजूदा पार्टी प्रधान अशोक अरोड़ा की जगह किसी युवा चेहरे को कमान सौंप सकती है। भाजपा में अपनों से रुठ रहे अपनों के प्रति गंभीर भाजपा, राजनीतिक मतभेदों के साथ ल_म ल_ तक पहुँची कांग्रेस और हिचकौले खा रही इनैलो में नववर्ष पर भारी बदलाव देखने को मिल सकता है। दिल्ली की ऐतिहासिक जीत से उत्साहित आम आदमी पार्टी (आप) भी नववर्ष से हरियाणा में राजनीतिक दस्तक दे सकती है, ऐसी भी संभावनाएं नजर आ रही है।

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