मोटापा हर किसी के लिए है जानलेवा: डॉ. निखिल अग्निहोत्री


मोटापे से संबंधित जानकारी देते डॉ. अग्रिहोत्री।
सिरसा(प्रैसवार्ता)। मोटापा रोग देश के लिए घातक बना हुआ है। आज के बदलते खान-पान के दौर में हम विदेशी वस्तुओं बर्गर, चाऊमीन इत्यादि को अपनी जीवन शैली का हिस्सा बनाए हुए है, जोकि भविष्य के लिए अच्छे परिणाम नहीं कहे जा सकते। यह बात शनिवार दोपहर को मैक्स सुपर स्पैशलिटी अस्पताल दिल्ली के विशेषज्ञ एवं बैरिएट्रिक एवं लैपरोस्कोपिक सर्जन निखिल अग्निहोत्री ने सिरसा के एक निजी होटल में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। डॉ. अग्निहोत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब मोटापे को अमीरों का रोग माना जाता था, लेकिन अब वक्त बदल गया है। मोटापे की समस्या से हर कोई ग्रस्त होता जा रहा है। हर पांच पुरूष एवं महिलाओं में एक व्यक्ति या तो मोटा है या अधिक वजन का है। इसलिए हमें अब इस संबंध में कदम उठाने होंगे। उन्होंने कहा कि 5 से 10 प्रतिशत वजन को भी अगर घटाया जाए तो मोटापे के कारण होने वाली कई बीमारियों को या तो रोका जा सकता है या उन बीमारियों को टाला जा सकता है। इसके लिए फिटनेस सैंटर, आहार व पोषण विशेषज्ञों की मदद ले सकते हैं लेकिन जो लोग बहुत अधिक मोटे हैं और जिनका बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) 32 से अधिक है, उनके वजन को घटना चिकित्सकीय उपाय के बगैर बहुत कठिन है। इसलिए कुछ खास स्थितियों में केवल सर्जरी ही सर्वश्रेष्ठ विकल्प है। मरीज गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी का सहारा ले सकते हैं जो स्वत: ही आहार ग्रहण करने की क्षमता को  सीमित कर देती है और इसके कारण आप कम मात्रा में भोजन ले पाते हैं। गैस्ट्रिक बाईपास सर्जरी की मदद से आंतों को स्टैपल करके पेट को छोटे पैकेट के रूप में बना दिया जाता है जिससे पेट की क्षमता घट जाती है। यह सर्जरी लैपरोस्कोपी या कीहोल के जरिए की जाती है। जिन लोगों ने मोटापे की समस्या शुरू होने के पांच साल के भीतर बैरिएट्रिक सर्जरी कराई है उनमें इस बात की 90 से 95 प्रतिशत संभावना होती है कि उनकी डायबेसिटी (मधुमेह एवं मोटापा) ठीक हो जाए।  डॉ. अरचित पंडित ने इस मौके पर कहा कि देश के अधिकतर लोग एडवांस कैंसर का शिकार होते जा रहे है। जाने-अंजाने में हम भारतीय संस्कृति को छोड़कर विदेशी संस्कृति को जीवन का हिस्सा बना रहे है। हम योगा, एक्सरसाइज कर ही नहीं रहे है। इसलिए जरूरी है कि अब इस तरफ कुछ ध्यान दें। हमारे देश में कैंसर का भी इलाज संभव है, बशर्ते अगर हम इसकी जांच प्रथम एवं द्वितीय स्टेज में करवा लें। शराब, तंबाकू का सेवन भी हमें कैंसर से ग्रस्त करवा देता है, इसलिए इससे दूर रहें। 


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