युवा कांग्रेस की संजीवनी से भूपेंद्र हुड्डा समर्थक उत्साहित

सिरसा(प्रैसवार्ता)। हिचकोले खा रही हरियाणवी कांग्रेस में चौधर को लेकर चल रही राजनीतिक जंग में युवा कांग्रेेस के चुनाव परिणामों से पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा को संजीवनी मिली है, जो पिछले करीब दो वर्षों से अपनों तथा विरोधियों के तीखे राजनीतिक प्रहार झेल रहे है। राज्य के 22 जिलों में से 16 तथा 90 विधानसभाई क्षेत्रों में से 66 पर विजयी युवा कांग्रेस के पदाधिकारियों को भूपेंद्र हुड्डा का समर्थक माना जा रहा है। युवा कांग्रेस के चुनाव परिणामों से भूपेंद्र हुड्डा समर्थक उत्साहित है, जो अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर उलझन में थे। इसी के साथ भूपेंद्र हुड्डा का राजनीतिक कद बढ़ा है और शीर्ष नेतृत्व की आँखे खुल गई है। मौजूदा कांग्रेस प्रधान अशोक तंवर तथा पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र हुड्डा के बीच राजनीतिक छत्तीस का आंकड़ा जग जाहिर है, जिसके चलते कांग्रेस को लोकसभा, विधानसभा, पंचायती तथा निकाय चुनावों में भारी नुकसान उठाना पड़ा है। हरियाणा के एक मात्र कांग्रेसी सांसद के साथ साथ 15 कांग्रेसी विधायकों में से 14 भूपेंद्र हुड्डा के साथ है, जबकि दो दर्जन से ज्यादा पूर्व सांसद तथा विधायक भूपेंद्र हुड्डा को नेता स्वीकार करते है। भूपेंद्र हुड्डा ने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व को कई बार अपनी शक्ति का अहसास भी करवाया है। भूपेंद्र हुड्डा एक दशक तक प्रदेश के मुख्यमंत्री रहे है और हरियाणवी राजनीति से भली भांति वाकिफ है, जबकि तंवर पैराशूट से उतरे है। भूपेंद्र हुड्डा को राजनीतिक हाशिये पर लाने के लिए अशोक तंवर ने सुश्री शैलजा, किरण चौधरी, कैप्टन अजय यादव के साथ साथ हजकां का कांग्रेस में विलय करवाकर कुलदीप बिश्रोई को भी साथ लिया और भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ धुंआधार राजनीतिक बैटिंग भी की, मगर मैच अपने पक्ष में नहीं कर पाये। चौधर की जंग इस कद्र बढ़ गई कि शब्द बाण को पीछे छोड़ते हुए मार पिटाई और लट्ठम लट्ठ तक जा पहुंची। तंवर पर हुए आक्रमण से प्रदेश में प्रदर्शन व हुड्डा के पुतले जलाकर उन्हें दलित नेता बनाने का खेल खेला गया। कांग्रेस के आधा दर्जन दलित विधायकों ने इस राजनीतिक खेल पर ग्रहण लगा दिया। राजनीति के ज्ञानी भूपेंद्र हुड्डा ने युवा कांग्रेस के चुनावों में अपनी पूरी शक्ति झौंक कर शीर्ष नेतृत्व को मजबूर कर दिया कि पार्टी हित के लिए नेतृत्व परिवर्तन बहुत जरुरी है। भविष्य में भूपेंद्र हुड्डा युवा कांग्रेस की सीढ़ी पर चढ़कर पूरे प्रदेश में दौर शुरू करने की तैयारी में जुट गए है, ताकि प्रदेशभर में फैले अपने समर्थकों को निशाना के भंवर से बाहर निकालकर अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाकर चौधर की जंग में अपने विरोधियों को राजनीतिक पटकनी दे सके, जिसके लिए उन्हें तर्जुबा भी है।

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