इनैलो की सीढ़ी चढ़कर बने सांसद ही खोदेंगे इनैलो की राजनीतिक गोभी

सिरसा(प्रैसवार्ता)। इनैलो की सीढ़ी पर चढ़कर लोकसभा में दस्तक देने वाले दो पूर्व सांसदों हेतराम व सुशील इंदौरा ने इनैलो से अलविदाई लेकर इनैलो के गढ़ कहे जाने वाले संसदीय क्षेत्र सिरसा में इनैलो में सेंधमारी करने के उद्देश्य से अपनी नई राजनीतिक पार्टी के गठन की शुरूआत कर दी है। वर्तमान में संसदीय क्षेत्र तथा इसमें शामिल 9 विधानसभाई क्षेत्रों में से 8 पर इनैलो का कब्जा है। इनैलो के इस गढ़ में हुए पंचायती तथा निकाय चुनाव में भाजपा पहले ही सेंधमारी कर चुकी है और कांग्रेस भी प्रयासरत् है, क्योंकि कांग्रेस के मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष इसी संसदीय क्षेत्र से प्रतिनिधित्व कर चुके है। पूर्व सांसद हेतराम एक लंबे समय से राजनीति के कोप भवन में है, जबकि इंदौरा कई राजनीतिक दलों का ध्वज उठाकर अपना राजनीतिक चरित्र दर्शा चुके है। बार-बार आस्था तथा राजनीतिक दल बदलने में इंदौरा को राजनीतिक ज्ञान हो गया कि अब उनकी किसी राजनीतिक दल में दाल नहीं गलेगी। इसलिए उन्होंने पूर्व सांसद हेतराम के साथ मिलकर नई राजनीतिक दुकान खोलने के लिए सुझाव मांगते हुए अखबारों में विज्ञापन दिया है। विज्ञापन में दोनो पूर्व सांसद मानते है कि उनके समर्थकों, सलाहकारों व बुद्धिजीवियों के विचार विमर्श उपरांत नई पार्टी के गठन का निष्कर्ष निकला है। इन दोनो पूर्व सांसदों के अनुसार नई पार्टी के गठन का उद्देश्य कमजोर वर्ग के अधिकारों की रक्षा, जात-पात का भेदभाव समाप्त करने, सामाजिक भाईचारा कायम रखना है। प्रश्र यह उठता है कि जो चेहरा स्वयं को किसी राजनीतिक दल में रहते हुए उनसे भाईचारा कायम नहीं रख सकता, उससे क्या उम्मीद की जा सकती है। राजनीति को समाजसेवा का सच्चा माध्यम बताने वाले इन दोनो पूर्व सांसदों की राजनीतिक तस्वीर कई सवालों को जन्म दे रही है। पूर्व सांसदों की यह जोड़ी नई पार्टी बनाकर स्वयं को सुप्रीमों बनाकर टिकट वितरण का  स्वपन संजोए हुए है। पूर्व सांसद हेतराम व सुशील इंदौरा की भावी राजनीतिक सोच क्या है, यह तो आने वाला समय ही बताएगा, मगर इस जोड़ी की राजनीतिक डुगडुगी पर सबकी नजरें टिक गई है।

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