संघ की गोपनीय रिपोर्ट: दिखा सकती है करिश्मा

सिरसा(प्रैसवार्ता)। तीन दिवसीय संघ परिवार की मौजूदा भाजपाई शासन की कार्यप्रणाली पर विचार विमर्श उपरांत तैयार की गई गोपनीय रिपोर्ट खट्टर सरकार पर भारी पड़ सकती है। संघ परिवार की बैठक में भाजपा के सहयोगी संगठनों के प्रतिनिधियों ने मौजूदा सरकार पर जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने में नाकाम करार देते हुए कहा है कि प्रशासनिक तंत्र हावी है, जो मुख्यमंत्री की राजनीतिक अनुभवहीनता का फायदा उठा रहा है। प्रदेश के मंत्री,  विधायक, पार्टी से जुड़े संगठन के प्रतिनिधि, सांसद तक को अफसरशाही तव्वजों नहीं देती। प्रशासन में इनैलो तथा कांग्रेस शासन में महत्त्वपूर्ण पदों पर रहे अफसर आज भी सरकार में हावी है। सीएम की ओर से घोषित ज्यादातर घोषणाएं ठंडे बस्ते में चली गई है। संघ परिवार की इस बैठक में खट्टर सरकार की कार्यप्रणाली पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए अपनी गोपनीय रिपोर्ट में लिखा है कि दो वर्ष के शासन उपरांत भी सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर सकी, जिस कारण पार्टी की छवि निरंतर खराब हो रही है। प्रदेश की राजनीति ऐसे मोड़ पर पहुँच गई है कि सरकार के सहयोगी संगठन भाजपाई शासन का गुणगान करने से परहेज करने लगे है। बैठक में स्वच्छता अभियान तथा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओं अभियानों को विफल बताया गया। भाजपा के सहयोगी संगठन सरकार का साथ देने के लिए तैयार तो है, मगर उपयुक्त माहौल दिखाई नहीं दे रहा। संघ परिवार की इस बैठक से संकेत मिलते है कि जब सरकार के सहयोगी संगठन ही खट्टर सरकार के  कार्यों से खुश नहीं है, तो आमजन की सोच का आंकलन आसानी से किया जा सकता है। संघ परिवार की इस गोपनीय रिपोर्ट पर प्रदेशवासियों की नजरें लग गई है कि गोपनीय रिपोर्ट क्या करिश्मा दिखाएगी ? चर्चा तो यह भी है कि अफसरशाही ने संघ परिवार के एक अति करीबी पदाधिकारी के काम को दो सप्ताह तक सिरे नहीं चढऩे दिया गया, जिस कारण हाईकमान नाराज है। गोपनीय रिपोर्ट खट्टर सरकार पर भारी पड़ सकती है, ऐसी संभावना नजर आने लगी है।

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