राजसी दिग्गजों की डेरा सच्चा सौदा में नतमस्तक की तैयारी - The Pressvarta Trust

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Saturday, January 21, 2017

राजसी दिग्गजों की डेरा सच्चा सौदा में नतमस्तक की तैयारी

सिरसा(प्रैसवार्ता)। उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र व राजस्थान भ्रमण से डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां की सिरसा वापसी के साथ-साथ राजसी दिग्गजों का उनके समक्ष नतमस्तक होने का सिलसिला शुरू हो गया है। पंजाब तथा उत्तरप्रदेश में अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनाव को मद्देनजर रखते हुए राजसी दिग्गजों की डेरा में नतमस्तक होना राजनीतिक मजबूरी हैं, क्योंकि इन दिनों राज्यों में डेरा सच्चा सौदा के समर्थकों की संख्या काफी है। डेरा सच्चा सौदा का बकायदा एक राजनीतिक विंग हैं, जिसके निर्णय पर डेरा सच्चा सौदा से जुड़े मतदाता अपने मत का प्रयोग करते है। सूत्रों के अनुसार पंजाब विधानसभा चुनाव को लेकर डेरा सच्चा सौदा के राजनीतिक विंग की मीटिगें शुरू हो चुकी है, मगर पत्ते चुनाव मतदान के 24 घंटे पहले खोले जाएंगे। पंजाब के करीब दो दर्जन विधानसभा क्षेत्र ऐसे हैं, जहां डेरा प्रेमी निर्णायक भूमिका निभाते है। पंजाब के 69 विधानसभा क्षेत्रों वाले मालवा क्षेत्र में डेरा प्रेमी की संख्या काफी है, जो डेरा सच्चा सौदा के राजनीतिक विंग के आदेश पर मतदान करते रहे है। वर्ष 2007 में हुए विधानसभा चुनाव में कांग्रेसी दिग्गज कैप्टन अमरेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री परमजीत कौर ने सपरिवार डेरा सच्चा सौदा में उपस्थिति दर्ज करवाई थी, जिसके चलते 37 विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस को बढ़त मिली थी। काबिलेगौर है कि पिछले लगभग चार दशक से राज्य के राजसी दिग्गज डेरों को तव्वजों देते आ रहे है, जिनकी प्रदेश में काफी संख्या है। डेरा में नतमस्तक होने की शुरूआत 1972 में पूर्व राष्ट्रपति स्वर्गीय ज्ञानी जैल सिंह ने अपना राजनीतिक प्रभाव बढ़ाने तथा अकाली दल को कमजोर करने के लिए की थी। पंजाब के कुछ डेरो में तो श्रद्धालुओं की संख्या काफी हैं, जो बकायदा अपने-अपने डेरों में राजसी दिग्गजों को राजनीतिक आशीर्वाद भी देते रहे है। कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने हाल ही में डेरा, राधा स्वामी, सत्संग व्यास में हाजरी लगाई है, जबकि इससे पूर्व अकाली दिग्गज प्रकाश सिंह बादल, सुखबीर बादल व आम आदमी पार्टी के सुप्रीमों अरविन्द केजरीवाल भी इस डेरा में अपनी उपस्थिति दर्ज करवा चुके है। प्रदेश के राजसी दिग्गजों की धार्मिक गुरुओं के प्रति बढ़ती आस्था को वोट हथियाने की सेंधमारी के रूप में देखा जा रहा। डेरा के वोट बैंक में डेरा सच्चा सौदा सिरसा के अनुयायियों का आंकड़ा ज्यादा तथा एक जुट होने के कारण राजसी दिग्गजों का डेरा मुखी के समक्ष नतमस्तक होना उनकी एक राजनीतिक मजबूरी कही जा सकती है।

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