डेरा सच्चा सौदा की राजनीतिक विंग की डुगडुगी के इंतजार में पंजाब विधानसभाई चुनाव

सिरसा(प्रैसवार्ता)। पड़ौसी राज्य पंजाब में चार फरवरी को होने वाले विधानसभाई चुनाव को लेकर प्रदेश के राजसी दिग्गजों व मतदाताओं की निगाहें डेरा सच्चा सौदा के राजनीतिक विंग पर टिक गई है, जो मतदान से एक दिन पूर्व अपने निर्णय की डुगडुगी बजा सकता है। पंजाब के 69 विधानसभाई वाले मालवा क्षेत्रों में डेरा समर्थकों की संख्या काफी है, जबकि दो दर्जन से ज्यादा ऐसे विधानसभाई क्षेत्र है, जो डेरा समर्थक मतदाताओं की निर्णायक भूमिका कही जा सकती है। डेरा प्रमुख संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां स्पष्ट कर चुके है कि इस तरह का राजनीतिक फैसला साध-संगत स्वयं लेती है और इस संबंध में उन्हें डेरा सच्चा सौदा की ओर से कोई भी निर्देश नहीं है, लेकिन साध-संगत को एकजुट होकर निर्णय लेने को जरूर कहा गया है। पंजाब की राजनीति में डेरा सच्चा सौदा के राजनीतिक विंग की दखल-अंदाजी जग-जाहिर है और राजसी दिग्गजों का वोटों के लिए डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय सिरसा में नतमस्तक होना जरूरी देखा जा सकता है। सूत्रों की मानें, तो डेरा सच्चा सौदा का राजनीतिक विंग पंजाब की मौजूदा राजनीति को देखते हुए कोई भी घोषणा कर सकता है, जिससे पंजाब विधानसभा चुनाव का मानचित्र एकदम करवट ले सकता है।

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