राजनीतिक झटके देने में विशेष पहचान रखती हैं हरियाणवी राजनीति

सिरसा(प्रैसवार्ता)। अपनों को ही राजनीतिक झटके देने में विशेष पहचान बना चुकी हरियाणवी राजनीति की पूर्व मुख्यमंत्री स्व. भजन लाल के कार्यकाल से शुरू हुई परंपरा बरकरार है। स्वर्गीय भजनलाल को दलबदल का जन्मदाता भी कहा जाता है। पूर्व मुख्यमंत्री हरियाणा भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने एक दशक के मुख्यमंत्री काल के अपने ही कई राजसी दिग्गजों को राजनीतिक झटके दिए, जिससे स्वर्गीय भजनलाल भी अछूते नहीं रहे और उन्हें कांग्रेस से अलविदाई लेकर नई राजनीतिक दुकान खोलनी पड़ी थी, जो अब कांग्रेसी शोरूम में देखी जा सकती है। हरियाणवी राजनीति की इस परंपरा में सिरसा जिला विशेष स्थान रखता है। इनैलो के गढ़ कहे जाने वाले सिरसा में भाजपाई दिग्गज जगदीश चौपड़ा की सेंधमारी से इनैलो घायल हुई, वहीं चौपड़ा का फोक्स भाजपा की अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रौफेसर गणेशी लाल पर भी रहा। चौपड़ा इनैलो के साथ तालमेल के चलते सिरसा से विधानसभा का चुनाव भी लड़ चुके है और इनैलो शासन में उपभोक्ता फोरम के चेयरमैन पद पर भी सुशोभित रह चुके है। प्रदेश में भाजपाई सरकार बनते ही चौपड़ा बगैर विधानसभा चुनाव में अपना भाग्य अजमाये मुख्यमंत्री हरियाणा के राजनीतिक सलाहकार बनने में न सिर्फ सफल हुए, बल्कि अपने समर्थकों को विभिन्न विभिन्न निगमों के चेयरमैन भी बनवाया, जबकि भाजपाई विधायक लालबत्ती वाली गाड़ी के लिए तरसते रहे। चौपड़ा ने भाजपाई कुनबा बढ़ाते हुए पंचायत तथा स्थानीय निकाय चुनाव में इनैलो के गढ़ में भाजपाई परचम लहराया। चौपड़ा ने राजनीतिक सलाहकार के पद पर रहते हुए जिला की भाजपा को हाईजैक कर लिया, जिसे राजनीति में अपनी ही पार्टी के दिग्गज पूर्व मंत्री हरियाणा और मौजूदा  भाजपा की अनुशासन समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रौ.गणेशी लाल के  लिए एक राजनीतिक झटके के रूप में देखा जाने लगा। प्रौ. लाल को परिषद के चुनाव में भाजपा को बहुमत मिलने पर चौधर की जंग का मुद्दा मिल गया और चौधर को लेकर पावरफुल जगदीश चौपड़ा, भाजपा टिकट पर सिरसा विधानसभा से चुनाव लड़ चुकी सुनीता सेतिया और गणेशी लाल के बीच सहमति का न होना चौपड़ा पर भारी पड़ा, जिसका खामियाजा चौपड़ा को राजनीतिक सलाहकार के पद से अलविदाई लेकर भुगतना पड़ा। चौपड़ा वर्तमान में हरियाणा टूरिज्म के चेयरमैन है। मुख्यमंत्री हरियाणा की प्रदेश की सभी 90 विधानसभाई क्षेत्रों में निजी मुहिम में सिरसा, कालांवाली तथा ऐलनाबाद में हुई मुख्यमंत्री की जनसभाओं में चौपड़ा काफी प्रभावी रहे, जबकि डबवाली तथा रानियां विधानसभाई क्षेत्रों में प्रौ. गणेशी लाल को मिली तव्वजों ने जिला भाजपा का मानचित्र ही बदल दिया। भाजपाई का इस उतार चढ़ाव में चौपड़ा के राजनीति भविष्य पर प्रश्र चिन्ह लग गया, क्योंकि वह राजनीतिक पटकनी देने की बजाए पटकनी खा बैठे। प्रौ. लाल को भाजपाई शीर्ष नेतृत्व, मुख्यमंत्री हरियाणा व प्रशासनिक तंत्र द्वारा दी जा रही तव्वजों से अपनों ने अपनों से ही दूरी बनानी शुरू कर दी है, जिसे हरियाणवी राजनीति में 'हृदय परिवर्तनÓ कहा जाता है।

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