विवादों में उलझी नगर परिषद, ट्रेड टावर मार्केट दुकानदारों ने किराया न देने का किया ऐलान

प्रदर्शन करते दुकानदार
सिरसा(प्रैसवार्ता)। नगर परिषद से विवाद शब्द हटने का नाम नहीं ले रहा। नगर परिषद के खिलाफ अब शहर में भी विरोध के स्वर गूंजने लगे है। नगर परिषद की ओर से शहर के बीचों बीच बनाई गई ट्रेड टावर मार्केट के दुकानदार नगर परिषद के वादानुसार मिली न हुई सुविधाओं को लेकर प्रदर्शन कर रहे है। वर्ष 2012 से ही सुविधाओं को लेकर शुरू हुआ विवाद केवल बातचीत व कोर्ट तक ही सीमित था। शहर के गणमान्य लोगों की इस मामले में कोई दखलअंदाजी नहीं थी, क्योंकि वे इस पूरे मसले से अपरिचित थे, लेकिन अब यह विवाद सड़कों तक पहुंच गया है।

मंगलवार को शहर में हुई नगर परिषद की किरकिरी
मंगलवार की सुबह ट्रेड टावर मार्केट में दुकानदार एकत्रित हुए और चिक्की मेहता व गोल्डी मेहता के नेतृत्व में डीसी से मिलने मार्केट से निकले। भारी संख्या में ट्रेड टावर मार्केट के दुकानदारों के इस विरोध प्रदर्शन की शहर में चर्चा भी हुई। जैसे ही ट्रेड टावर मार्केट के दुकानदार लघुसचिवालय पहुँचे, तो पता चला कि डीसी मैडम किसी कार्य को लेकर दफ्तर नहीं पहुँची। मौके पर एडीसी साहब मौजूद थे, लेकिन उन्होंने दुकानदारों की बात सुने बिना ही उन्हें सीटीएम के पास भेज दिया।

सीटीएम बोले: समय मिलेगा तो ट्रेड टावर भी आएंगे
ट्रेड टावर के दुकानदार अपनी इस समस्या को लेकर एडीसी साहब के कहे अनुसार सीटीएम ऑफिस पहुँचे। सीटीएम ने दुकानदारों की बात तो सुनी, मगर मार्केट में आने की बात पर कही न कही सहमति जताने से कतराते रहे। दुकानदारों ने सीटीएम से आग्रह किया कि साहब आप इस ट्रेड टावर मार्केट में आकर व्यवस्था का जायजा तो लीजिए, सीटीएम ने जवाब में कहा कि समय मिलेगा तो मैं जरूर आऊंगा। पुन: आग्रह करने पर सीटीएम सिरसा ने क्लीयर शब्दों में कहा कि आपका ज्ञापन ले लिया है, जिसे हम शिकायत मार्क करेंगे, वही अधिकारी मार्केट में आएगा।

ये है विवाद
दुकानदारों का कहना है कि वर्ष 2012 में नगर परिषद की ओर से ट्रेड टावर मार्केट में दुकानों की बोली करवाई गई थी, तो कहा गया था कि विश्वस्तर पर इस मार्केट में चार मंजिला ईमारत बनेगी। नगर परिषद भी यहां आएगी और बैंकों के कार्यालय यहा होंगे। शहर के बड़े-बड़े शोरूम यहां बनेंगे और बेसमैंट में पार्किग होगी। आरोप है कि इस सब्जबाग को हकीकत मानते हुए दुकानदारों ने नगर परिषद के मनचाहे दामों पर किरायों की बोली लगा दी, लेकिन पांच साल का समय बीत जाने के बाद भी इस मार्केट में ऐसा कोई निर्माण नहीं हुआ, तो दुकानदार आज खुद को ठगा हुआ महसूस करने लगा है। इस मार्केट में सब्जी की रेहड़ी वालों ने कब्जा कर रखा है, जिसके चलते कोई बाहरी ग्राहक यहां आने से गुरेज करता है और दुकानों के किराये नगर परिषद ने सात से पंद्रह हजार रुपए किए हुए है, जोकि हम दुकानदार भरने में सक्षम नहीं है। दुकानदारों ने कहा कि नगर परिषद की ओर से पहली मंजिल की कई बार बोली करवाई गई, लेकिन कोई सुविधा न होने के चलते लोगों ने बोली में शामिल होना उचित नहीं समझा। इस संबंध में कई बार नगर परिषद प्रशासन से गुहार लगाई गई, लेकिन किसी भी इस संबंध में कुछ करने की जहमत नहीं उठाई। ट्रेड टावर मार्केट में गंदगी व मलवे के ढेर लगे हुए है, आवारा पशुओं का यहां जमावड़ा रहता है और व्यवस्थाओं के नाम पर यहां कोई प्रबंध नहीं है। इसी के मद्देनजर अब दुकानदारों ने नगर परिषद को किराया देना बंद कर दिया है, जब तक वे अपने वादों को पूरा नहीं कर लेते।

ईओ पूछने लगे कानून
लघुसचिवालय से निकलने के बाद दुकानदार नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अतर सिंह खनगवाल के पास पहुँचे। ईओ साहब ने दुकानदारों की व्यथा सुनी और कहा कि ऐसा तो कोई कानून नहीं है कि किराया कम हो जाए। लेकिन अगर आप इसकी मांग कर रहे हो, तो हमें कानून बताओ, हम उस पर सहमति जता देंगे। रही बात मार्केट में सफाई करवाने की, तो वो करवा देंगे।

ये रहे मौजूद 
प्रदर्शन मौके पर डॉ. वी.के नाहर, प्रवीन कुमार, ज्ञान चंद, बलराम, गुरमुख सिंह, आर के मेहता, राहुल, विमल कुमार, राम कृष्ण तंवर, पलविंद्र सिंह, मुकुल, राजेश कुमार, अवतार सिंह, विरेंद्र, अत्तर सिंह, मलकीत सिंह, नारायण सिंह, ललित सोनी, उद्यम सिंह, ओम प्रकाश, संदीप शर्मा, पवन, रजनीश, अमित वधवा, सदानंद, राजपाल,सतपाल, राजकुमार, जोनी मेहता, रमेश मेहता, सोनू मेहता, संजीव कुमार, रिहान, कपिल, प्रेम कंबोज इत्यादि मौजूद रहे।

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