कमाल की है अमन चौपड़ा व सुनील बामनियां की राजनीतिक जोड़ी

सिरसा(प्रैसवार्ता)। राजनीति की दुनिया में अगर कोई एक लाइन सबसे ज्यादा बार दुहराई गई है तो वह है, यहां कोई किसी का न तो स्थायी दोस्त होता और न ही दुश्मन होता है। इस पंक्ति को राजनेता, पत्रकार और विश्लेषक सब बार-बार दोहराते हैं। फिर भी यहां समय-समय पर जोडिय़ां बनती-बिगड़ती रहती हैं। दोस्त बनते हैं, साथ-साथ जीने-मरने की कसमें खाई जातीं हैं।  इसी तर्ज पर सिरसा में भी एक राजनीतिक जोड़ी बनी। सीएम हरियाणा के पूर्व सलाहकार एवं हरियाणा पयर्टन निगम के अध्यक्ष जगदीश चौपड़ा से राजनीतिक शिक्षा एवं विरासत हासिल कर उनके पुत्र अमन चौपड़ा ने भाजपा में बतौर युवा नेता कदम रखा और सुनील बामनिया का उन्हें साथ मिला। इसी के साथ अमन चौपड़ा और सुनील बामनियां की नई जोड़ी अस्तित्व में आई। जब यह जोड़ी बन रही थी तभी कुछ लोग इसे बेमेल बता रहे थे। कारण अमन चौपड़ा अपनी जमीनी राजनीति की वजह से पहचाने जाते है, लेकिन फिर भी यह राजनीतिक जोड़ी दिन प्रतिदिन मजबूत होती गई। अमन चौपड़ा स्वयं को सुनील बामनियां का छोटा भाई बताते है। अमन चौपड़ा को भाजपा युवा मोर्चा में प्रदेश उपाध्यक्ष की जिम्मेवारी मिली हुई है, जबकि सुनील बामनिया को जिलाध्यक्ष की। अमन चौपड़ा व सुनील बामनियां की यह राजनीतिक जोड़ी गांव-गांव जाकर युवाओं को भाजपा की नीतियों से अवगत करवा रही है। माना जा रहा है कि इस राजनीतिक जोड़ी ने युवाओं का ऐसा नेटवर्क तैयार किया है, जो भाजपाई परिवार को मजबूत करने में अहम् भूमिका निभा रहा है। अमन चौपड़ा व सुनील बामनिया कहते है कि  प्रजातंत्र में जनता सर्वोपरि होती है और जनता की वजह से ही सारे कार्यक्रम सजते है। उनका अब तक इस मुकाम को हासिल करने का श्रेय भी जनता को ही जाता है। राजनीतिक इतिहास इस बात की पुष्टि करता है कि युवा वर्ग ही हर राजनीतिक दल की रीढ़ की हड्डी होती है और यह रीढ़ की हड्डी ही सत्ता तक पहुँचने में एक अहम् भूमिका निभाती है।

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