होली उपरांत रंग बिरंगी दिखाई देगी हरियाणवी राजनीति

हरियाणवी राजनीति
सिरसा(प्रैसवार्ता)। आपसी कलह से जूझ रही तथा विघटन के कगार पर पहुँच चुकी हरियाणा कांग्रेस तथा असंतुष्ट विधायकों के झमेले में उलझती दिखाई देती भाजपा की होली उपरांत तस्वीर बदलने की संभावनाएं दिखाई देने लगी है। कांग्रेस के मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर के खिलाफ कांग्रेसी विधायकों ने और मुख्यमंत्री हरियाणा मनोहर लाल खट्टर के खिलाफ उनके अपने ही भाजपाई विधायकों ने मोर्चा खोल दिया है, जिससे हरियाणवी राजनीति गर्मा गई है। तंवर के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से राजनीतिक भेद जग-जाहिर है, जो लट्ठम लट्ठ होने उपरांत सड़कों पर देखे जाने लगे है। तंवर और हुड्डा की इस राजनीतिक जंग से कांग्रेस में विद्यटन के आसार बन रहे है, जबकि सीएम मनोहर लाल खट्टर से भाजपाई सांसदों के बाद भाजपाई विधायकों की नाराजगी के चलते उनकी कुर्सी पर संकट के बादल मंडराने लगे है। संकट के बादलों के संकट से उभरने तथा असतुंष्ट विधायकों को संतुष्ट कहने में मुख्यमंत्री के विश्वासपात्रों ने सक्रियता बढ़ा दी है, जिसमें अभी तक वह सफल नहीं हो पाए। भाजपा के असंतुष्ट विधायकों के बढ़ते आंकड़े को पार्टी का शीर्ष नेतृत्व गंभीरता से ले रहा है और ऐसी संभावना है कि पांच राज्यों के चुनाव परिणाम उपरांत किसी नए चेहरे को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल सकती है। सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस तथा भाजपा का शीर्ष नेतृत्व हरियाणवी राजनीति में बदलाव की पटकथा लिखने की तैयारी में जुट गया है। कांग्रेस के समांतर कांग्रेस चला रहे भूपेंद्र हुड्डा और तंवर समर्थन में बंट चुकी कांग्रेस को एक मंच पर लाने के लिए कांग्रेस आलाकमान कोई भी प्रयास करें, सफल नहीं हो पाएगा। कांग्रेस आलाकमान के पास सुश्री शैलजा के अतिरिक्त कोई ऐसा दिग्गज कांग्रेसी नेता नहीं है, जो कांग्रेस की उम्मीद पर खरा उतर सके, क्योंकि सुश्री शैलजा ने अभी तक तंवर-हुड्डा की राजनीतिक जंग से दूरी बनाई हुई है। दूसरी तरफ राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की हरियाणा सरकार की कार्यप्रणाली पर प्रेषित की गई रिपोर्ट भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल के लिए शुभ संकेत नहीं कही जा सकती। संघ की गोपनीय रिपोर्ट, भाजपाई सांसदों व विधायकों की भाजपाई शासन से नाराजगी सत्ता नेतृत्व परिवर्तन पर बदलाव की तरफ बढ़ती देखी जाने लगी है। 11 मार्च को पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम राष्ट्रीय राजनीति की तस्वीर दर्शाएंगे। वहीं 13 मार्च को होली पर्व के आसपास हरियाणवी राजनीति के रंग भी बदले बदले दिखाई दे सकते है। हरियाणा की मौजूदा राजनीतिक तस्वीर से कांग्रेस व भाजपा के नेतृत्व परिवर्तन की झलक देखी जा सकती है।


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