हरियाणवी अफसरशाही के नजरिये में बदलाव की तैयारी में जुटी खट्टर सरकार

CM HARYANA
सिरसा(प्रैसवार्ता)। भाजपाई शासन में भाजपाईयों के लिए परेशानी का सबब बनी हरियाणवी अफसरशाही के नजरिये में बदलाव लाने के लिए हरियाणा की भाजपाई सरकार के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने तैयारी शुरू कर दी है, जिसमें असंतुष्ट भाजपाई दिग्गजों की संतुष्टि के लिए उनकी पसंदीदा अफसरशाही को तव्वजों दी जानी है। प्रदेश में अफसरशाही को लेकर भाजपाई सांसदों, विधायकों व दिग्गजों के अपने ही सरकार के प्रति बढ़ती नाराजगी पर संज्ञान लेते हुए भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने भाजपा संगठन के सह महामंत्री वी सतीश के माध्यम से खट्टर सरकार के कामकाज की फीड बैक ली। अपनी ही सरकार से असंतुष्ट भाजपाई दिग्गजों की नाराजगी खट्टर की बजाए अफसरशाही पर ज्यादा रही, जो उन्हें तव्वजों न देकर मनमानी करते है। जिस कारण उन्हें जनता के समक्ष मायूसी झेलनी पड़ती है, जो पार्टी के प्रचार व जनाधार बढ़ाने में रूकावट कही जा सकती है। प्रदेश में खट्टर सरकार ने कई बार प्रशासनिक तंत्र में फेरबदल किया है, मगर अफसरशाही के नजरिए में बदलाव नहीं आया। काबिलेगौर है कि पार्टी के अढ़ाई वर्ष के कार्यकाल में ऐसे अनेक वरिष्ठ अधिकारी है, जो इनैलो तथा कांग्रेसी शासन में महत्त्वपूर्ण व मलाईदार पदों पर कार्यरत है। मुख्यमंत्री की अनुभवहीनता का फायदा उठाकर प्रदेश की अफसरशाही ने भाजपा सरकार होने के बावजूद भाजपाई दिग्गजों में बेचैनी बढ़ा दी और उन्हें विवश होकर अपनी सरकार के खिलाफ ही मोर्चा खोलना पड़ा। वी सतीश की रिपोर्ट उपरांत शीर्ष नेतृत्व ने मुख्यमंत्री को अफसरशाही पर अंकुश तथा दिग्गजों को तव्वजों का निर्देश दिया, जिस पर अमलीजामा पहनाया जाने की कवायद शुरू हो गई हैं। असंतुष्ट भाजपाई दिग्गजों की नाराजगी दूर करने के लिए अफसरशाही में कुछ बदलाव किया जा चुका है तथा उसके नजरिये में बदलाव कैसे लाया जाना चाहिए, पर मंथन शुरू हो गया है। इसी के साथ अपने पसंदीदा स्टेशन प्राप्ति के लिए अफसरों ने भाजपाई दिग्गजों से संपर्क बनाना शुरू कर दिया है। सीएम हरियाणा ने भी अपनी कार्यप्रणाली  व सोच में बदलाव लाकर काम की जगह भाजपाईयों के पसंदीदा अफसरों को तव्वजों देनी शुरू कर दी है, ताकि अपनों के ही बगावती तेवरों से न जूझना पडे।

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