अकाली सांसद का पुत्र बना कांग्रेसी विधायक: भाजपा के कैबिनेट मंत्री ज्याणी को किया पराजित

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फाजिल्का(प्रैसवार्ता)। पंजाब विधानसभा में दस्तक देने वाले सबसे कम आयु के कांग्रेसी विधायक दवेंद्र सिंह घुबाया ने भाजपाई दिग्गज व कैबिनेट मंत्री सुरजीत ज्याणी को मात्र 265 वोटों से पराजित किया है। 25 वर्षीय दवेंद्र सिंह फिरोजपुर संसदीय क्षेत्र से अकाली दल के सांसद शेर सिंह घुबाया के पुत्र है। देवेंद्र सिंह के कांग्रेसी ध्वज उठाकर विजयी परचम फहराने से यह चर्चा छिड़ गई है कि अकाली-भाजपा गठबंधन की गांठ ढीली हो गई थी, जिस कारण गठबंधन को कड़ी पराजय का सामना करना पड़ा है। पंजाब की राजनीति में अकाली दल और भाजपा में खट्टास उस समय उत्पन्न हो गई थी, जब हरियाणा विधानसभा चुनाव में अकाली दल ने इनैलो प्रत्याशियों की मदद व भाजपा प्रत्याशियों का विरोध किया था। पंजाब के जागरूक मतदाताआें ने राजसी दिग्गजों को आईना दिखाते हुए बादल सरकार के प्रभावी मंत्री एवं मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के दामाद आदेश प्रताप सिंह कैरो के साथ साथ डॉ. दलजीत सिंह चीमा, सोहन सिंह ठंडल, गुलजार सिंह रानीके, सिकन्दर सिंह मलूका, जनमेजा सिंह सेखों, तोता सिंह, सुरजीत सिंह रखड़ा को नकार दिया, वहीं  अकाली दल की सहयोगी भाजपा के मंत्री सुरजीत ज्याणी और अनिल जोशी को बैकगेयर में डाल दिया। पंजाब विधानसभा चुनाव में लुढ़कने वाले अकाली दल-भाजपाई दिग्गजों के साथ साथ कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के दिग्गजों को भी सदमा पहुँचा है, जिनमें पूर्व मुख्यमंत्री राजेंद्र कौर भ_ल, सांसद रवनीत सिंह बिट्टू, पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हरचरण सिंह बराड़ की पुत्रवधू कर्ण बराड़, विपक्षी नेता रहे कांग्रेसी दिग्गज सुनील जाखड़ शामिल है। हास्यं कलाकार एवं सांसद भगवंत सिंह मान, आम आदमी पार्टी संयोजक एवं हास्यं कलाकार गुरप्रीत घुग्गी, कांग्रेस नेत्री सतविन्द्र बिट्टी को पराजित कर पंजाबी मतदाताओं ने उनकी उज्जवल भविष्य की सोच पर ग्रहण लगा दिया है।

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