तंवर की परिवर्तन रैली: संगठन में परिवर्तन के आसार

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सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणवी कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष अशोक तंवर की परिवर्तन रैली मुहिम को राजनीतिक क्षेत्रों में संगठन में परिवर्तन के आसार के रूप में देखा जाने लगा है, क्योंकि कांग्रेस सुप्रीमों सोनिया गांधी तथा कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी को विदेश वापिसी उपरांत संगठन में संभावित फेरबदल की संभावना है, जिसे भांपते हुए समांतर कांग्रेस चला रहे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा को राजनीतिक झटका देते हुए तंवर ने अपने समर्थक 180 चेहरों को ब्लॉक प्रभारी नियुक्त करके भूपेंद्र हुड्डा के शीर्ष नेतृत्व पर बनाए जा रहे दवाब को दबाने का कार्ड खेला है। हरियाणा में कांग्रेसी दिग्गजों की एक बड़ी फौज भूपेंद्र हुड्डा समर्थक है, जो तंवर को प्रदेशाध्यक्ष न मानकर इनकी बैठकों से लंबे समय से दूरी बनाए हुए है। लगभग तीन वर्षों से बगैर जिलाध्यक्षों के चल रही प्रदेश कांग्रेस में ज्यादातर कांग्रेसी दिग्गज हुड्डा बनाम तंवर के खेमे में बंट गए है, जबकि कांग्रेसी कलह की बदौलत कुछ ने कांग्रेस से अलविदाई ले ली है। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की ओर से यूपी चुनाव में अनदेखी से चिंतित अशोक तंवर ने नगर निगम दिल्ली के चुनाव में अपनी फौज उतारकर शीर्ष नेतृत्व को एक आईना दिखाने की योजना बनाई है। नगर निगम दिल्ली के चुनाव उपरांत तंवर प्रदेश में परिवर्तन रैली की शुरूआत करेंगे और इसी बीच सीएम सिटी करनाल में दलित युवा सम्मेलन बुलाने की भी चर्चा है। संगठन में संभावित फेरबदल की संभावना को देखते हुए अपनी चौधर बरकरार रखने के लिए तंवर ने सक्रियता बढ़ा दी है, जबकि राजनीतिक पंडित तंवर की परिवर्तन रैली अभियान को संगठन में परिवर्तन के रूप में देखते है।

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