डेरा सच्चा सौदा मुहिम: इसे कहते हैं 'युग परिवर्तन', अब बेटी चलाएगी वंश - PRESSVARTA NEWS

Breaking

Sunday, April 30, 2017

डेरा सच्चा सौदा मुहिम: इसे कहते हैं 'युग परिवर्तन', अब बेटी चलाएगी वंश

News Pic
सिरसा(प्रैसवार्ता)। जी हाँ ! वो लाखों लोग यह अनोखी शादी देखकर दंग रह गए जिनकी आँखे इस अनूठी रस्म की गवाह बनी। शादी का जोड़ा, दुल्हन के सिर पर सजी खूबसूरत पगड़ी , हाथों में तलवार और नाचते-गाते ख़ुशी मनाते रिश्तेदार। किसी भी सामान्य शादी की तरह ढोल की थाप पर, संगीत की धुनों पर यह विवाह हुआ, परन्तु इस विवाह की ख़ास बात ये रही कि इस शादी में दुल्हन बरात लेकर आई और दूल्हा अपने माँ-बाप के घर से विदा हुआ। सुनने में अजीब लग रहा होगा पर यह वाक्या है 'डेरा सच्चा सौदा' के स्थापना दिवस के दौरान हुई एक अनूठी शादी का। डेरा सच्चा सौदा द्वारा 'महिला सशक्तिकरण' के लिए एक अनोखी पहल की गई, जो पहले कभी भी कही भी देखने-सुनने में नहीं आई और इस परम्परा का नाम रखा गया है 'कुल का क्राऊन' यानि 'वंश का ताज'।
एक ऐसी दुनिया.. जहाँ बेटियां चलाती हैं वंश
इस अनोखी रवायत के अनुसार जिन मां-बाप की एकमात्र संतान बेटी है, उनके वंश को चलने की जिम्मेदारी अब बेटी उठाएगी, यानि कि अब दुल्हन दूल्हे को ब्याह कर अपने घर लाएगी। बेटी अपना वंश चलाएगी और दूल्हा नव-विवाहिता के माता-पिता की अपने माता-पिता की भांति संभाल करेगा। दोनों परिवारों की आपसी सहमति से इस रिवायत को शुरू किया गया और अपने आप में यह एक सराहनीय पहल है। डेरा सच्चा सौदा में हुए इस कार्यक्रम में पहुंचे काफी संख्या में लोग इस अनूठे विवाह के साक्षी बने जब रोहतक की डॉ. आस्था इन्सां और मेरठ के डॉ. सुमित इन्सां परिणय-सूत्र में बंधे। उल्लेखनीय है कि डेरा सच्चा सौदा वाले कुछ भी नई शुरुआत करते हैं, तो कुछ ऐसा कर जाते हैं कि लोग दांतों तले उँगलियाँ दबाने पर मजबूर हो जाएं। 

1 comment:

Site Share:-