हरियाणा पुलिस में अब भी लागू है पंजाब पुलिस का रुल 1934

Haryana Police
सिरसा(प्रैसवार्ता)। भारत वर्ष को स्वतंत्र हुए करीब सात दशक हो चुके है, मगर वर्तमान में ऐसे कानूनों की कमी नहीं, जिसे भारतीय अंग्रेजों के जमाने से ढो रहे है। कुछ ऐसे कानून है, जो अपनी वर्तमान परिपेक्ष्य में सार्थकता खो चुके है और व्यवस्था की दिमागी गुलामी का संकेत देते है। अंग्रेजों के बनाए गए कानून में संशोधन के लिए एक याचिका पर उच्चतम न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए हरियाणा सरकार ने वर्ष 2007 में पुलिस एक्ट तो बना दिया, इसके नियम अभी तक तय नहीं हो पाए। हरियाणा को अस्तित्व में आए लगभग 50 वर्ष हो चुके है, मगर आज भी हरियाणा में पंजाब पुलिस 1934 रूल लागू है। 1857 की क्रांति पुन: न हो, इसलिए अंग्रेजों ने 1861 में इंडियन सर्विस एक्ट बनाया था और उसके बाद 1934 में पंजाब पुलिस रूल बना, जो आज भी चालू है। हरियाणा सरकार की ओर से संशोधित पुलिस एक्ट में 96 धाराएं बनाई गई थी, जबकि आईपीसी की 511 धाराएं है। इनकी वर्ष 2008 में हरियाणा सरकार की ओर से अधिसूचना भी जारी की गई थी। आईपीसी में संशोधन पर दहेज मांगने के लिए उत्पीडऩ करना 498ए तथा दहेज हत्या धारा 304 बनाई थी। हरियाणा में बनाए गए कानून को सिर्फ अपनी राष्ट्रभाषा में कॉपी पेस्ट किया गया, मगर स्वयं का बनाया एक्ट लागू नहीं किया जा सका।

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