नशीली दवाईयों का मुख्य केंद्र बन रहा है सिरसा

Medicine
सिरसा(प्रैसवार्ता)। पैसे के लालच में कुछ दवा विक्रेता न सिर्फ कानून की अवहेलना कर रहे है, बल्कि लोगों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ भी कर रहे है। नशीली दवाईयों की बिक्री पर रोक लगाने के लिए संबंधित विभाग समय-समय पर कार्रवाई तो करते है और पिछले करीब डेढ़ वर्ष में कई दवा विक्रेताओं पर कानूनी शिकंजा भी कसा है। सिरसा जिला राजस्थान के हनुमानगढ़, पंजाब के फाजिल्का, मुक्तसर तथा बठिण्डा से जुड़ा हुआ है और इस जिले का उपमंडल डबवाली एक चौथाई भाग पंजाब राज्य से संबंधित है, जिसका फायदा नशा तस्कर उठाते है। इसी प्रकार जिला सिरसा की मंडी कालांवाली पंजाब के जिला बठिण्डा के साथ लगती है, जहां नशीली दवाईयों के कई केंद्र बने हुए है। जानकारी के अनुसार रात्रि को सिरसा-डबवाली से दिल्ली आने जाने वाली प्राइवेट बसों के माध्यम से ड्रग तस्कर नशीली  दवाईयां लाकर रास्ते में ग्रामीण आंचल में नशे के सौदागरों के बने केंद्रों पर उतार देते है, जहां से तीनों प्रदेशों में सप्लाई होती है। चर्चा यह भी है कि जिला सिरसा के कई पंसारी नशा छुड़ाने, मोटा-पतला करने, सैक्स रोगों के उपचार का दावा करते हुए ड्रग एंड कास्मैटिक एक्ट की खुली अवहेलना कर रहे है। ड्रग माफिया के जिला सिरसा में बढ़ते प्रभाव से सिरसा नशीले पदार्थों की मंडी बनता जा रहा है।

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