भूपेंद्र हुड्डा के सिरसा शक्ति प्रदर्शन पर लगी निगाहें

इनैलों का गढ़ तथा तंवर का संसदीय क्षेत्र है सिरसा
Ex. CM Hooda 
सिरसा(प्रैसवार्ता)। इनैलो के गढ़ कहे जाने वाले तथा कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर के संसदीय क्षेत्र सिरसा में प्रदेश में समांतर कांग्रेस चला रहे पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की 30 जून को भरी जाने वाली राजनीतिक हुंकार पर सभी की नजरें टिक गई है। संसदीय क्षेत्र सिरसा सहित इसके अधीनस्थ नौ विधानसभा क्षेत्रों में से आठ पर इनैलो काबिज है। संसदीय क्षेत्र में भूपेंद्र हुड्डा का प्रभाव नगण्य है, जबकि हुड्डा समर्थक पूर्व सांसद रणजीत सिंह जरूर निजी प्रभाव रखते है। रणजीत सिंह इनैलो संस्थापक स्वर्गीय चौधरी देवीलाल के बेटे है। हरियाणवी राजनीति में तंवर और इनैलो ने भूपेंद्र हुड्डा के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है, जिस कारण भूपेंद्र हुड्डा का सिरसा में शक्ति प्रदर्शन कई मायने रखता है। किसान राजनीति की आड़ में भूपेंद्र हुड्डा प्रदेश में अपना राजनीतिक आईना देखना चाहते है। किसान हितैषी बनकर किसान नेता का ख्वाब देख रहे भूपेंद्र हुड्डा का मुख्य उद्देश्य उन उन विधानसभाई क्षेत्रों में दस्तक देना है, जहां तंवर का पलड़ा भारी है। जाट आरक्षण के विरोध में रोहतक जाकर डुगडुगी बजाने वाले भाजपाई सांसद राजकुमार सैनी के संसदीय क्षेत्र कुरुक्षेत्र, तंवर के संसदीय क्षेत्र सिरसा, किरण चौधरी के प्रभाव वाले जिला भिवानी, कैप्टन अजय यादव के गढ़ रेवाड़ी, कुलदीप बिश्रोई के प्रभाव वाले हिसार में शक्ति प्रदर्शन को लेकर भूपेंद्र हुड्डा के समर्थकों को जिम्मेदारियां सौंपी जा रही है, जो भीड़ जुटाने के लिए  हर प्रकार का प्रयास करेंगे। भूपेंद्र हुड्डा अपने ममेरे भाई व  केंद्रीय मंत्री वीरेंद्र सिंह डूमरखां के इलाके जींद में 8 जुलाई को किसान महापंचायत करेंगे, जिसमें प्रदेशभर के किसान अपनी उपस्थिति दर्ज करवाएंगे। सूत्रों के मुताबिक भूपेंद्र हुड्डा का अगला राजनीतिक कार्यक्रम किसान, मजदूर, व्यापारी व कर्मचारियों की प्रदेशस्तरीय रैली करना है। सिरसा संसदीय क्षेत्र के ग्रामीण आंचल मं किसानों पर इनैलो की प्रभावी पकड़ है। इस पकड़ में सेंधमारी के लिए भूपेंद्र हुड्डा को पूर्व सांसद रणजीत सिंह ही फायदा पहुंचा सकते है, ऐसा माना जा सकता है। 30 जून को भूपेंद्र हुड्डा के कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए ग्रामीण आंचल में किसानों को वाहन उपलब्ध करवाने के साथ जलपान इत्यादि की व्यवस्था के लिए बकायदा कमेटी का गठन किया जाएगा, क्योंकि सिरसा का शक्ति प्रदर्शन भूपेंद्र हुड्डा की फौज के लिए किसी चुनौती से कम नहीं आंका जा सकता।

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