सुदर्शन चक्र का अगला फोक्स: लोक निर्माण विभाग तथा पुलिस आवास निगम

सिरसा(प्रैसवार्ता)। राजनीतिक तौर पर राजसी दिग्गजों की लावारिस राजनीतिक तस्वीर के चलते सिरसा में सरकारी तंत्र इस कद्र हावी हो गया है कि ज्यादातर सरकारी विभागों में फर्जीवाडे की बाढ़ आ गई है। एफ ब्लॉक निवासी सेवानिवृत्त अभियंता की मुख्यमंत्री को प्रेषित शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सरकार के निर्देश पर मुख्यमंत्री उडन दस्ते ने लोकनिर्माण विभाग तथा पुलिस आवास निगम पर अपना फोक्स बना लिया है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता ने कहा है कि प्रदेश में भाजपा की सरकार बनते ही एक ठेकेदार ने लोक निर्माण मंत्री के एक चहेते और चहेते की चहेती पर डोरे डालकर लोक निर्माण विभाग को हाईजैक कर फर्जीवाडे का लंबा आंकड़ा तैयार कर दिया है। ठेकेदार की इच्छा मुताबिक खरा न उतरने वाले अधिकारी को तबादले का भय दिखाकर फर्जीवाडा का भागीदार बनाकर उसकी भ्रष्ट कुंडली तैयार कर ब्लैकमेलिंग का सिलसिला शुरू कर दिया जाता है। नाम न छापे की शर्त पर एक अभियंता ने बताया कि विभाग चहेते और चहेती का लिबादा औढऩे वाले एक ठेकेदार के इशारे पर चल   रहा है, जिससे सभी अभियंता परेशान है, मगर उनकी कमजोरी की फाईल उन्हें फर्जीवाडे के लिए मजबूर कर देती है। इसी प्रकार हरियाणा पुलिस आवास निगम भ्रष्टाचार की सभी सीमाएं लांघ रहा है, क्योंकि मंडल हिसार के एक उपमंडल अभियंता के पास तीन जिलों का कार्यभार है। सरकारी वाहन न होने के चलते निजी वाहन से निर्माणाधीन काम पर जाना पड़ता है। आने जाने के चक्कर में प्रतिदिन एक हजार से लेकर दो हजार रुपए तक का पैट्रोल खर्च होता है, जिसकी पूर्ति के लिए उपमंडल अभियंता को ठेकेदार/एजेंसीज से सांठगांठ करनी पड़ती है। उपमंडल अभियंता राजेश ने स्वीकार किया है कि उसके पास क्षेत्र काफी बड़ा है, सरकारी वाहन है नहीं, निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण अपने निजी वाहन से करना पड़ता है। शिकायत के साथ ही कुछ निर्माणाधीन कार्यों में हुए  तथा हो रहे फर्जीवाडे की विस्तृत जानकारी भी संलग्र हो गई है। सूत्रों के अनुसार शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सरकार ने सीएम फ्लाईंग को जांच के निर्देश दिए है।

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