संसदीय क्षेत्र सिरसा में हरियाणवी समांतर कांग्रेस उतार सकती है अपना प्रतिनिधि

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सिरसा(प्रैसवार्ता)। हरियाणा कांग्रेस के मौजूदा प्रदेशाध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर को उनके संसदीय क्षेत्र सिरसा में राजनीतिक झटका देने के लिए प्रदेश में समांतर कांग्रेस चला रहे पूर्व सीएम हुड्डा ने अपना प्रत्याशी उतारने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसे हुड्डा समर्थक कांग्रेसी दिग्गजों का समर्थन प्राप्त होगा। संसदीय क्षेत्र सिरसा में पूर्व मंत्री परमवीर सिंह, पूर्व संसदीय सचिव प्रहलाद सिंह गिल्लाखेड़ा, पूर्व विधायक जरनैल सिंह व रंजीत सिंह, भूपेंद्र सिंह के ओएसडी रहे डॉ. केवी सिंह, कांग्रेस के पूर्व प्रदेश प्रवक्ता होशियारी लाल शर्मा को भूपेंद्र सिंह हुड्डा का समर्थक माना जाता है। हुड्डा की यह राजनीतिक फौज डॉ. अशोक तंवर पर भारी पड़ सकती है। उधर भूपेंद्र सिंह हुड्डा के राजनीतिक भविष्य में सेंधमारी करने के लिए डॉ. अशोक तंवर ने संत गोपाल दास की गौवंश व गौचरण भूमि मुक्ति के संघर्ष में पद यात्रा का बिगुल भूपेंद्र सिंह हुड्डा की परेशानी बढ़ा सकता है। सूत्रों की मानें, तो भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने अपने विश्वास पात्र व जिला सिरसा में महत्त्वपूर्ण पद पर सुशोभित एक अधिकारी पर अपना फोक्स बनाकर उसकी सक्रियता बढ़ाने का निर्देश भी जारी कर दिया है। कांग्रेसी दिग्गजों की इस राजनीतिक जंग से तंग ज्यादातर कांग्रेसी दिग्गज निष्क्रिय हो गए है, जिन पर भाजपा ने डोरे डालने शुरू कर दिए है। कांग्रेसी कलह से फायदा उठा रही भाजपा ने कांग्रेस में सेंधमारी की मुहिम शुरू कर दी है और संभावना व्यक्त की जा रही है कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के हरियाणा आगमन पर कई कांग्रेसी दिग्गज कांग्रेस से अलविदाई ले सकते है। प्रदेश में हरियाणवी कांग्रेस ऐसे मोड़ पर पहुँच गई है कि उन्हें अपनों को ही नीचा दिलवाने में फुर्सत नहीं है। कांग्रेस और समांतर कांग्रेस ने जनभावनाओं की बौछार शुरू की हुई है। अशोक तंवर की रोहतक में सक्रियता से कांग्रेस को कोई लाभ हो या नहीं, मगर भूपेंद्र सिंह हुड्डा का राजनीतिक ब्रह्म शस्त्र तंवर के स्वपनों पर जरूर ग्रहण लगा सकता है, जिसकी बकायदा पटकथा लिखी जानी शुरू हो चुकी है।

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