रूहानी सत्संग का आश्रम है डेरा सच्चा सौदा

डेरा सच्चा सौदा सिरसा
सिरसा(प्रैसवार्ता)। शब्दों के आधार पर 'डेरा सच्चा सौदा' दो शब्दों के मेल से बना है। सच्चा + सौदा। 'सच्चा' उस प्रभु, परमात्मा, अल्लाह,वाहेगुरू व गॉड को कहा गया है और 'सौदा' का अर्थ भगवान की बन्दगी से है। प्रैसवार्ता को मिली जानकारी के अनुसार पूज्य बेपरवाह मस्ताना जी महाराज ने अपने सतगुरु के हुकमानुसार 29 अप्रैल, 1948 के दिन डेरा सच्चा सौदा की स्थापना की और आज डेरा सच्चा सौदा उस जानी-मानी संस्था का नाम है, जो मानवता भलाई के कार्यों के लिए विशव प्रसिद्ध है। यही कारण है कि आज डेरा सच्चा सौदा ने 5 करोड़ से भी अधिक लोगों को भगवान, अल्लाह, वाहेगुरू के नाम के साथ जोड़ दिया है और ये संख्या दिन-प्रतिदिन बड़ती ही जा रही है। आम तौर पर हम देखते हैं कि जो फौज युद्धों या फिर जंगों के लिए बनाई जाती है, लेकिन डेरा सच्चा सौदा प्रमुख एवं गुरु संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां ने एक ऐसी फौज बनाई है जो कि मानवता की रक्षा, मानवता की सेवा के लिए बनाई गई है। जब भी कहीं आपदा आती है, कहीं कोई दुर्घटना हो जाती है, कहीं पर सफाई अभियान होता है तो ये फौज सबसे आगे होती है। ये लोग अपनी जान पर खेल के दूसरों की जान बचाते हैं, क्योंकि गुरू जी ने इन्हे सिर्फ एक ही पाठ पढ़ाया है कि 'जो मानवता की सेवा करते हैं भगवान उनकी झोली खुशियों से भर देता है।' डेरा सच्चा सौदा कोई नया धर्म, नया मजहब या कोई नयी लहर नहीं है। रूह को उसके मूल परमात्मा ही डेरा सच्चा सौदा का परम लक्ष्य हैं।
धार्मिक आस्था केन्द्र:- डेरा सच्चा सौदा एक ऐसा धार्मिक आस्था केन्द्र है, जहां लोगो को उनके जीवन का सही उद्देश्य बताया जाता है। यहां लोगों को गुरूमंत्र दिया जाता है ताकि वह प्रभु की भक्ति करके इस जन्म मरण के चक्कर से मुक्त हो जाएं। आज के युग मे डेरा सच्चा सौदा ही एकमात्र ऐसी संस्था है जो लोगों को भगवान के साथ जोडऩे लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। डेरा सच्चा सौदा अपने आप में ही एक बहुत बड़ी मिसाल है।
स्वच्छता अभियान:- स्वच्छता अभियान से भाव देश को स्वच्छ व सुन्दर बनाने के लिए अभियान चलाना। सफाई हम सब के लिए बहुत जरूरी है, क्योंकि भगवान भी वहीं पर निवास करते हैं, जहां सफाई होती है। संत डॉ. गुरमीत राम रहीम इन्सां की पावन शिक्षा पर चलते हुए डेरा सच्चा सौदा द्वारा अनेको महासफाई अभियान चलाए जा चुके हैं। इन अभियानो का मुख्य उद्देश्य देश को साफ, सुन्दर बनाना और गन्दगी के कारण फैली बीमारियों को खत्म करना है।
पेड़ लगाना:- प्रदूषण दिन-प्रतिदिन बड़ रहा है। इसके प्रभाव से प्रकृतिक संतुलन बिगड़ गया है। इस संतुलन को बनाए रखने के लिए डेरा सच्चा सौदा की ओर से करोड़ों पेड़-पौधे लगाए जा चुके हैं। डेरा सच्चा सौदा द्वारा न केवल पेड़-पौधे लगाए जाते हैं बल्कि उनकी बच्चों की तरह देखभाल भी की जाती है। ये कार्य संत डॉ. गुरमीत राम रहीम की शिक्षाओं के कारण ही सफल हो पाया है।
खूनदान-महादान:- खून के दान को सबसे बड़ा दान माना गया है, क्योंकि खूनदान ही एकमात्र ऐसा दान है जिससे किसी की जान बचाई जा सकती है और डेरा सच्चा सौदा द्वारा हर वर्ष हजारों यूनिट खूनदान किया जाता है और ये खून उन लोगों तक पहुँचाया जाता है जो खून की कमी के कारण जिन्दगी और मौत के बीच जूझ रहे होते हैं। 
नन्हा फरिश्ता:- नन्हा फरिश्ता दुनिया का सबसे छोटा अस्पताल है जो कि संत गुरमीत राम रहीम सिंह जी द्वारा डेरा सच्चा सौदा में बनाया गया है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता ये है कि इसे कहीं भी ले जाया जा सकता है। इसमें इलाज के लिए हर प्रकार के आवश्यक उपकरण उपलब्ध हैं। कुछ जगहों पर डॉक्टरी सहायता उपलब्ध नहीं है और उसको ध्यान मे रखते हुए ही इस अस्पताल का निर्माण किया गया है।
शाह सतनाम जी स्पैशलिटी हॉस्पिटल:- यह  अस्पताल डेरा सच्चा सौदा में बनाया गया है। इस अस्पताल मे हर प्रकार का इलाज संभव है। इस अस्पताल में आधुनिक मशीनें भी उपलब्ध हैं और यहां इलाज भी कम कीमतों पर किया जाता है। कुछ लोग आर्थिक तंगी के कारण इलाज नहीं करवा पाते। इस बात को ध्याने रख कर इस अस्पताल का निर्माण किया गया है। 
स्किन बैंक:- डेरा सच्चा सौदा में स्किन बैंक बनाया गया है। यह बैंक चमड़ी रोगों से सम्बंधित है। इसमें हर प्रकार के चमड़ी के रोगों का इलाज किया जाता है। जिन लोगों पर तेजाबी हमला हुआ हो या फिर जिनका शरीर जल गया हो, उनके शरीर पर नई चमड़ी लगाई जाती है और ये चमड़ी मृत लोगों के शरीरों से प्राप्त की जाती है। ये स्किन बैंक बनाकर गुरू जी ने आधुनिकता को एक नयी सोच प्रदान की है।

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