अपना राजनीतिक दल बनाने की फिराक में था बाबा राम रहीम

ram rahim
सिरसा(प्रैसवार्ता)। फिल्मी जगत की चकाचौंध और राजसी दिग्गजों के नतमस्तक सिलसिले से प्रभावित होकर डेरा सच्चा सौदा के बाबा गुरमीत राम रहीम सिंह राजनीतिक जगत में प्रवेश कर अपना राजनीतिक दल बनाने की फिराक में थे, जिसके लिए बकायदा तैयारी भी शुरू कर दी गई थी। साध्वी यौन शोषण मामले में सीबीआई की अदालत के निर्णय ने बाबा राम रहीम के सभी ख्वाबों पर ग्रहण लगा दिया। सामाजिक कार्यक्रमों के माध्यम से तेजी से अपना जनाधार बढ़ा रहे बाबा राम रहीम का फिल्म जगत में प्रवेश करने के बाद अगला फोक्स राजनीतिक दल का गठन करना था। काबिलेगौर है कि डेरा सच्चा सौदा की राजनीतिक विंग पिछले काफी समय से  चुनावों में अपना समर्थन नुमा उपस्थिति दर्ज करवाकर राजसी दिग्गजों के राजनीतिक भविष्य का निर्णय लेती थी। हरियाणा तथा पंजाब के तीन व पांच संसदीय क्षेत्रों के साथ दो दर्जन हरियाणा के और तीन दर्जन पंजाब के विधानसभा क्षेत्रों में डेरा की राजनीतिक विंग की मजबूत पकड़ है, जो निर्णायक भूमिका निभाने में सक्षम कही जा सकती है। बाबा राम रहीम हरियाणा तथा पंजाब की राजनीति में हस्तक्षेप करते आए है और उनकी सोच स्वयं की सरकार बनाने की बन गई थी। नतमस्तक होने वाले राजसी दिग्गजों ने राम रहीम के दरबार में हाजिर होकर सरकारी खजाने का मुंह डेरा सच्चा सौदा की तरफ कर दिया, लेकिन कुदरत की कुछ ओर ही योजना थी, जिसने राम रहीम के सभी अरमानों पर पानी फेर दिया। सीबीआई अदालत के निर्णय ने, जहां कानून के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ाया है, वहीं नतमस्तक होने वाले राजसी दिग्गजों को एक राहत की सांस भी दी है। वहीं बाबा राम रहीम के आशीर्वाद से सत्ता में भागीदारी का ख्वाब देखने वालों को भारी झटका लगा है।

No comments