जहां शिकायतें न सुलझें, बंद हो ऐसी सीएम विंडो: ट्रेड टावर दुकानदार

trade tower market
सिरसा(प्रैसवार्ता)। प्रदेश सरकार द्वारा जनता की समस्याओं के निदान के लिए शुरू की गई सीएम विंडो अब केवल कागजी नाव रह गई है। जनता की शिकायतों का शीघ्र निदान करने का दावा करने वाली प्रदेश सरकार की सीएम विंडों पूरी तरह फेल साबित हो रही है, क्योंकि सीएम विंडों पर भेजी गई शिकायतों पर कोई भी अधिकारी या कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहा है। उपरोक्त आरोप शहर की ट्रेड टावर मार्केट के दुकानदारों ने लगाए है। नगर परिषद सिरसा की ओर से शहर के बीचो-बीच बनाई गई ट्रेड टावर मार्केट के तमाम दुकानदार प्रधान गोल्डी मेहता, चिक्की मेहता, जोनी मेहता, सोनू व संजीव एडवोकेट सहित तमाम दुकानदारों के नेतृत्व में पिछले करीब साढ़े पांच माह से संघर्ष कर रहे है। इसी बीच सीएम विंडों पर भी कई बार शिकायत दी गई, मगर कोई समाधान नहीं हुआ। यहां तक कि मुख्यमंत्री हरियाणा तक भी पत्रों के जरिए मामला पहुँचाया जा चुका है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं। दुकानदार राजकुमार ने बताया कि उसने बीती 28 जून को सीएम विंडों में शिकायत देकर नगर परिषद के अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की थी और सरकार ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए उपायुक्त सिरसा से जवाब मांगा था। डीसी सिरसा ने मामले की जांच नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी, जिसके खिलाफ ट्रेड टावर के दुकानदार पिछले कई महीनों से विभिन्न प्रकार के आरोप लगा रहे है और जांच उसी कार्यकारी अधिकारी को सौंपकर जांच पर ही सवालिया निशान लगा दिया। इसी के साथ डीसी सिरसा भी दुकानदारों के सवालों के कटघरे में आ जाती है। ट्रेड टावर के दुकानदारों ने स्पष्ट तौर पर प्रशासन से पूछा है कि क्या प्रशासन उनके इस मामले का कोई समाधान करना चाहता है, या फिर आम आदमी की तरह ही न्याय के लिए दुकानदारों को दर-दर की ठोकरे खाने पर मजबूर करना चाहता है। प्रधान गोल्डी मेहता ने कहा कि दुकानदारों का एक शिष्टमंडल जल्द ही चंडीगढ़ के लिए रवाना होगा, जहां राज्यपाल हरियाणा व सीएम हरियाणा से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करेंगे और मामले को लेकर जिला प्रशासन व नप अधिकारियों के गैर जिम्मेदारानापूर्ण रवैये की भी जानकारी दी जाएगी। ट्रेड टावर दुकानदारों ने कहा कि अगर उन्हें हरियाणा सरकार से भी न्याय नहीं मिला, तो वे इस समूचे प्रकरण को माननीय हरियाणा एंड पंजाब हाईकोर्ट में दस्तक देकर उठाएंगे और किसी स्वतंत्र एजेंसी से इसकी जांच की मांग करेंगे।

No comments